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डीजीपी की बर्खास्तगी की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 23 Aug 2017 05:01 PM IST
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पुलिस महानिदेशक की बर्खास्तगी की मांग को लेकर न्याय मंच ने बुधवार को विधानसभा का घेराव किया। गुड़िया, होशियार सिंह और मेदराम मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए न्याय मंच ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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न्याय मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही डीजीपी को बर्खास्त नहीं किया तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को तेज किया जाएगा। मंच ने पुलिस लॉकअप में हुई गुड़िया मामले के एक आरोपी की मौत के लिए दोषी पुलिस अफसरों और कर्मियों को भी बर्खास्त करने की मांग उठाई।
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न्याय मंच के बैनर तले बुधवार सुबह से ही सैकड़ों लोग राजधानी शिमला स्थित पंचायत भवन में जुटना शुरू हो गए। दोपहर 12 बजे न्याय मंच ने पंचायत भवन से विधानसभा गेट तक रैली निकाली। विधानसभा तक जाने से प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगह रास्ते बंद कर बेरिकेट्स लगाए थे।
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भारी संख्या में पुलिस बल ओल्ड बस स्टैंड से लेकर विधानसभा भवन तक तैनात रहा। दोपहर करीब साढ़े बारह न्याय मंच की रैली विधानसभा परिसर के बाहर पहुंची। यहां पहुंचते ही प्रदर्शनकारी कुछ उग्र हो गए। पुलिस से धक्का मुक्की करते हुए बेरिकेट्स को भी तोड़ने की कोशिश की लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी बेरिकेट्स पर भी चढ़ गए।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राकेश सिंघा, पूर्व मेयर संजय चौहान, विजेंद्र मेहरा ने पुलिस महानिदेशक पर इन तीनों मामलों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए सरकार से उन्हें फौरन बर्खास्त करने की मांग की।
न्याय मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली अधिकांश मामलों में संदेहास्पद हो गई है। आम जनता का पुलिस से विश्वास उठता जा रहा है। जनता में पुलिस को लेकर बहुत रोष है। इसके बावजूद सरकार ने अपनी आंखें मूंद ली हैं।