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बेटियों का वजीफा बढ़ाने की अफसरों ने बंद कर दी फाइल

Sun, 29 May 2016 09:04 AM IST
अनिमेष कौशल/अमर उजाला, शिमला
अनिमेष कौशल/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 29 May 2016 09:04 AM IST
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himachal govt yet not taken decision on girl students scholarship
छात्रवृत्ति राशियां बढ़ाने की फाइल अफसरशाही की टेबल पर धूल फांक रही है।

दस मिनट के भीतर विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने वाली सरकार के अफसरों ने बेटियों के वजीफे को बढ़ाने की फाइल को बंद कर दिया है। बीते जनवरी महीने से विभिन्न छात्रवृत्ति राशियां बढ़ाने की फाइल अफसरशाही की टेबल पर धूल फांक रही है। हिमाचल के विद्यार्थियों को दी जा रही नाममात्र की छात्रवृत्ति राशि को बढ़ाने के लिए अफसर संवेदनहीन हो गए हैं। छात्रवृत्ति राशि के नाम पर बच्चों के साथ हो रहा मजाक बदस्तूर जारी है।

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इस फाइल पर नजर-ए-इनायत करने के बजाए अफसर सेवानिवृत्ति के बाद की जुगाड़बाजी करने में अधिक मशगूल हैं। ‘अमर उजाला’ ने आठ जनवरी के अंक में ‘हिमाचल में बेटियों को दो रुपये वजीफा दे रही है सरकार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर छात्रवृत्ति राशि के नाममात्र होने का मामला सरकार के ध्यान में लाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद 13 जनवरी को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सरकार को छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था।
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बीते पांच महीनों से राशि बढ़ाने की फाइल अतिरिक्त मुख्य सचिव के दफ्तर में फंसी हुई है। बीते पांच माह के दौरान कई बार अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने जल्द से जल्द प्रस्ताव को सरकार के ध्यान में लाने की बात कही लेकिन वास्तविकता में फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय तक नहीं पहुंची। अफसरशाही के सुस्त रवैये के चलते हजारों विद्यार्थी नाममात्र की छात्रवृत्ति लेने को मजबूर हैं।

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धीमान ने फिर दोहराया पुराना राग

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हिमाचल प्रदेश सरकार

अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान से जब छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने के प्रस्ताव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पुराना राग दोहराया। उन्होंने कहा कि राशि बढ़ाने का प्रस्ताव आया है। इस पर मंथन जारी है। जल्द ही प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।

शिक्षा निदेशालय ने यह भेजा है प्रस्ताव
गर्ल्स अटेंडेंस स्कॉलरशिप
पहली से पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली उन लड़कियों को सरकार सालाना 20 रुपये की छात्रवृत्ति देती है, जिनकी कक्षा में हाजिरी 90 प्रतिशत से अधिक हो। इस राशि को बढ़ाकर 300 रुपये का प्रस्ताव है। साल 2015-16 में 34525 छात्राओं ने इस राशि को प्राप्त किया था।

आईआरडीपी स्कॉलरशिप
पहली से पांचवीं कक्षा के आईआरडीपी विद्यार्थियों को सरकार 150 रुपये सालाना छात्रवृत्ति राशि देती है। 58 हजार 599 विद्यार्थियों ने साल 2015-16 में इस राशि को प्राप्त किया था। 150 रुपये छात्रवृत्ति राशि को अब 500 रुपये करने का प्रस्ताव है।

इसी वर्ग में छठी से आठवीं के लड़कों को अभी 250 रुपये और लड़कियों को 500 रुपये दिए जाते हैं। इसे बढ़ाकर लड़कों के लिए 500 और लड़कियों के लिए 800 रुपये करने का प्रस्ताव है। बीते साल 58 हजार बच्चों को यह छात्रवृत्ति प्राप्त हुई।

मेधावी छात्रवृत्ति योजना
मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों को 800 रुपये छात्रवृत्ति दी जाती है। इस राशि को अब बढ़ाकर छठी के लिए एक हजार रुपये, सातवीं के लिए 1200 रुपये और आठवीं के लिए 1500 रुपये करने का प्रस्ताव है। इस छात्रवृत्ति को प्राप्त करने के लिए ब्लाक स्तर पर परीक्षा पास करनी पड़ती है।

प्रदेश के हर ब्लाक में छठी कक्षा की परीक्षा ली जाती है। पांचवीं कक्षा के ग्रेड और प्रतियोगी परीक्षा के आधार पर हर ब्लाक से दो लड़कों और दो लड़कियों को छात्रवृत्ति दी जाती है। बीते वर्ष 1498 बच्चों को यह छात्रवृत्ति मिली थी।

गरीब छात्रवृत्ति योजना

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छात्रवृत्ति

इस योजना के तहत पहली से पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले उन बच्चों को सालाना 40 रुपये दिए जाते हैं, जिनके अभिभावकों की सालाना आय 11 हजार रुपये से कम हो। साल 2015-16 में 7186 बच्चों को दस महीने के लिए प्रति माह चार रुपये के हिसाब से 40 रुपये दिए जाते हैं। इस राशि को बढ़ाकर 300 रुपये करने का प्रस्ताव है।

लाहौल स्पीति पैट्रन स्कीम
लाहौल स्पीति पैट्रन स्कॉलरशिप स्कीम के तहत जिले के पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों को सालाना 80 रुपये दिए जाते हैं। बीते साल 9500 बच्चों ने यह राशि प्राप्त की। इसके बढ़ाकर 300 रुपये करने का प्रस्ताव है।

आर्मी बार्डर स्कॉलरशिप
पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले उन सैनिक परिवारों के बच्चों को यह छात्रवृत्ति मिलती है, जिनके पिता देश की सुरक्षा करते हुए लड़ाई में शहीद हुए हों या 50 प्रतिशत से अधिक शारीरिक तौर पर नुकसान हुआ हो। पहली से पांचवीं तक सरकार 150 रुपये और

छठी से आठवीं तक लड़कों को 250 रुपये और लड़कियों को 500 रुपये की छात्रवृत्ति सरकार देती है। इस राशि को अब पहली से पांचवीं तक 300 रुपये और छठी से आठवीं तक लड़कों के लिए 500 रुपये और लड़कियों के 800 रुपये करने की तैयारी में है।

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