इन सैनिकों को प्रतिमाह तीन हजार रुपये पेंशन देगी हिमाचल सरकार
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प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में भाग लेने के बाद घर आए सैनिकों को हिमाचल सरकार प्रतिमाह तीन हजार रुपये पेंशन देगी। ये नॉन पेंशनर सालों से मात्र पांच सौ रुपये पेंशन से गुजारा कर रहे थे। सैनिक कल्याण बोर्ड की ओर से सरकार को पांच सौ से तीन हजार पेंशन देने का प्रस्ताव मानते हुए सरकार ने नवंबर माह में इसे लागू करने का फैसला कर दिया है।
प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध लड़ने वाले नॉन पेंशनर सैनिकों को प्रदेश सरकार तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देगी। इस फैसले से दोनों विश्व युद्धों में लड़ने वाले प्रदेश के करीब चार हजार नॉन पेंशनरों को इसका सीधा लाभ पहुंचेगा।
ये वो सैनिक हैं, जो पहले और दूसरे विश्वयुद्ध के बाद आजाद हिंद फौज में शामिल न होकर घर आ गए थे, जिस कारण इन हजारों सैनिकों को सरकार से मात्र पांच सौ रुपये पेंशन से ही संतोष करना पड़ रह था। सैनिक कल्याण बोर्ड शिमला के सहायक निदेशक सेना मेडल पूर्व कर्नल पीएस अत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने नॉन पेंशनरों की मांग
को पिछले महीने लागू कर दिया है। सभी नॉन पेंशनरों को उनके कार्यालय में अपने कागजात जमा करवाने होंगे। जिस पर वे कागजी प्रक्रिया को पूरा कर सरकार को देंगे और उन्हें तीन हजार रुपये की पेंशन शुरू होगी।