हिमाचल को मिले 600 करोड़, यहां खर्च होंगे
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हिमाचल प्रदेश को ग्रीन ग्रोथ के नाम पर 600 करोड़ रुपये का फंड मिलने जा रहा है। इससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति कुछ ठीक होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस सिलसिले में केंद्र और प्रदेश के बीच तकरीबन सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
सितंबर के पहले सप्ताह में राज्य को बजट मिल जाएगा। सूबे की माली हालत बेहद खराब है। इससे प्रदेश की तमाम योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रदेश सरकार के अफसर केंद्र की ओर टकटकी लगाए हुए हैं, जिससे प्रदेश को बजट उपलब्ध हो सके। लेकिन, केंद्र की ओर से अब तक कोई बहुत बड़ी मदद नहीं की गई है।
विश्व बैंक देगा 600 करोड़ का कर्ज
इस बीच ग्रीन ग्रोथ के नाम पर 600 करोड़ रुपये का विश्व बैंक से ऋण मिलने जा रहा है, जिससे प्रदेश के विकास में कुछ हद तक मदद मिल सकती है। एमओयू तक की औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं।
राज्य विज्ञान तकनीकी एवं पर्यावरण विभाग की ओर से इसका पूरा प्रस्ताव तैयार किया गया था। उक्त बजट से प्रदेश की काफी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। विश्व बैंक ने ब्याज दर बेहद कम रखी है। इस राशि से तत्काल प्रदेश को आर्थिक तौर पर पटरी पर लाने में काफी आसानी होगी।
कहां खर्च होगा बजट
वन, पर्यावरण, ग्रामीण विकास, पर्यटन और ऊर्जा के क्षेत्र में ग्रीन ग्रोथ के तहत मिलने वाली रकम को खर्च किया जाएगा, जिससे प्रदेश के विकास में गति मिलेगी।
प्रधान सचिव वित्त डा. श्रीकांत बाल्दी ने बताया कि ग्रीन ग्रोथ के तहत हिमाचल को 600 करोड़ रुपये का बजट ऋण के तौर पर मिलेगा। ब्याज दर बेहद कम होगी, लेकिन इससे तत्काल प्रदेश को आर्थिक तौर पर पटरी पर लाने में काफी आसानी होगी।
सितंबर के पहले सप्ताह तक यह बजट हर हाल में प्रदेश को उपलब्ध हो जाएगा।