फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal govt will file review petition in favor of JBT trainees, discussed in cabinet

जेबीटी प्रशिक्षुओं के पक्ष में हिमाचल सरकार, दायर की जाएगी पुनर्विचार याचिका, कैबिनेट में हुई चर्चा

Tue, 30 Nov 2021 07:33 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 30 Nov 2021 07:33 PM IST
सार

मंत्रिमंडल बैठक के दौरान प्रदेश हाईकोर्ट से जेबीटी मामले पर आए फैसले की तरह राजस्थान हाईकोर्ट से आए विपरीत फैसले पर मंथन हुआ। सरकार को बताया गया कि इसी तरह के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने बीएड डिग्री धारकों को पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पात्र नहीं माना है। 

विज्ञापन
Himachal govt will file review petition in favor of JBT trainees, discussed in cabinet
जेबीटी प्रशिक्षुओं का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षुओं के पक्ष में है। सरकार का मानना है कि जेबीटी ही प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने के लिए उपयुक्त हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस मामले को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को विशेष तौर पर इस मामले से अवगत करवाने के लिए बुलाया गया। सरकार ने शिक्षा सचिव को हाईकोर्ट से आए फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने या हाईकोर्ट में ही पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला लेने का अधिकार दे दिया है। बैठक के दौरान प्रदेश हाईकोर्ट से जेबीटी मामले पर आए फैसले की तरह राजस्थान हाईकोर्ट से आए विपरीत फैसले पर मंथन हुआ।

विज्ञापन


सरकार को बताया गया कि इसी तरह के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने बीएड डिग्री धारकों को पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पात्र नहीं माना है। जबकि प्रदेश हाईकोर्ट ने जेबीटी भर्ती के लिए बीएड वालों को भी पात्र बना दिया है। मामले पर चर्चा करने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट की जजमेंट मिलने के बाद आगामी फैसला लेने को कहा गया। कैबिनेट बैठक में बताया गया कि फैसले को लेकर राजस्थान शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी गई है। फैसले की कॉपी का अभी इंतजार है। सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट में सहमति बनी है कि अगर राजस्थान हाईकोर्ट और हिमाचल के जेबीटी मामले में समानता मिली तो पुनर्विचार याचिका के साथ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती याचिका भी दायर की जा सकती है। शहरी एवं विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि सरकार जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षुओं के पक्ष में रही है। एनसीटीई एडवाइजरी बॉडी है। भर्ती सरकार के आरएंडपी से होगी।
विज्ञापन


मल्टी टास्क वर्कर भर्ती में देरी से कैबिनेट नाराज
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में रखे जाने वाले आठ हजार मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती में हो रही देरी को लेकर कैबिनेट ने नाराजगी जताई है। कैबिनेट ने शिक्षा विभाग को नियम 18 के तहत भर्ती को जल्द शुरू करने को कहा है। बैठक के दौरान प्रारंभिक शिक्षा निदेशक से भर्ती प्रक्रिया को लेकर जानकारी ली गई। मल्टी टास्क वर्करों की चार हजार भर्तियां करुणामूलक आधार पर मुख्यमंत्री की संस्तुति के बाद होंगी। सरकार ने इन भर्तियों को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी हुए पत्रों पर अभी तक कार्यवाही न होने पर नाराजगी जताई। शिक्षा विभाग को नियम 18 के तहत भर्ती के लिए सभी योग्यताएं पूरी करने वालों को नौकरी देने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद शेष चार हजार पदों के लिए आवेदन आधार पर भर्ती होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


शीत सत्र में पेश होगा मंडी विवि का विधेयक
धर्मशाला में होने वाले विधानसभा के शीत सत्र के दौरान मंडी में स्थापित किए जाने वाले प्रदेश के दूसरे राज्य विश्वविद्यालय के विधेयक को रखा जाएगा। इसी सत्र में विधेयक को पास कर राज्यपाल की मंजूरी लेकर अधिसूचित किया जाएगा। मंगलवार को कैबिनेट ने विधेयक पर चर्चा करने के बाद इसे विधानसभा में पेश करने को मंजूरी दी। क्लस्टर विश्वविद्यालय मंडी को अपग्रेड कर राज्य विश्वविद्यालय बनाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed