साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला
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देश में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच सरकार ने इन्हें सुरक्षित बनाने की भी कवायद शुरू कर दी है। शुक्रवार को मुख्य सचिव बीके अग्रवाल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। जिसमें पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर मंथन किया गया।
मंथन के दौरान निर्णय हुआ कि उन ट्रैकिंग रूटों को चिह्नित किया जाएगा जो एक दिन से ज्यादा के और खतरनाक हैं। उन रूटों पर जाने वाले ट्रैकरों को जीपीएस ट्रैकिंग बैंड बांधे जाएंगे ताकि उनकी निगरानी की जा सके।
साथ ही पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग और धार्मिक यात्राओं में जोखिम कम करने के लिए नियमों को सख्त करने का भी फैसला लिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में इस प्रकार की गतिविधियों को सुनियोजित ढंग से बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन साहसिक खेलों को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटनाओं से बचा जा सके। मुख्य सचिव ने पैराग्लाइडिंग को सुरक्षित बनाने के लिए मोबाइल ऐप विकसित करने पर जोर दिया। जिससे पैराग्लाइडिंग पायलटों के उड़ान घंटों को मॉनीटर किया जा सके।
साथ ही कठिन ट्रैकिंग रूटों पर जाने वाले पर्यटकों की सुरक्षा की दृष्टि से जीपीएस ट्रैकिंग बैंड के प्रयोग पर जोर दिया ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य को आसानी से किया जा सके। बैठक में साहसिक खेल में भाग लेने वाले सभी पर्यटकों के इंश्योरेंस को लेकर भी संभावनाएं तलाशने के लिए कहा गया। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन राम सुभग सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान मनाली के निदेशक कर्नल नीरज राणा, प्रधान सचिव ओंकार चंद, निदेशक एवं विशेष सचिव एसडीएमए डीसी राणा,मौजूद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।