बिंदल मामले में पूर्व एचएएस अधिकारी समेत 23 के केस भी वापस लेने की तैयारी
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विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल से जुड़े नियमों के विपरीत भर्ती मामले में एचएएस अधिकारी समेत 23 अन्यों पर भी केस वापसी की तैयारी है। विजिलेंस के सरकारी वकील ने सरकार को कोर्ट में सीआरपीसी -321 मेें दरख्वास्त डालने के लिए पत्र लिखा है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार वकील की इस स्वतंत्र राय पर सीएम कार्यालय भी सहमत है।
सरकार के विधि विभाग के राजी होने के बाद जल्द विजिलेंस को कोर्ट में अरजी देने की अनुमति दी जा सकती है। विधानसभा अध्यक्ष और नगर परिषद सोलन के पूर्व अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल के खिलाफ केस वापस लेने का आवेदन विजिलेंस पहले ही कोर्ट में दे चुकी है।
वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में भर्ती अनियमितताओं के आरोप में दर्ज इस केस को जयराम सरकार राजनीतिक रंजिश से दर्ज हुआ मान रही है। सूत्रों ने बताया कि विजिलेंस के अभियोजन अधिकारी ने राज्य सरकार को लिखा है कि अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र के आरोप कोर्ट में तय हुए हैं।
ऐसे में इन सभी के खिलाफ केस वापस लिए जा सकते हैं। इनकी इस मामले में प्रत्यक्ष भूमिका होने से भी उन्होंने इंकार किया है और भर्ती अनियमितताओं में इनके खिलाफ ठोस सबूत होने से मना किया है।
जिन अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला वापस लेने की कवायद चल रही है, उनमें उस समय नगर परिषद सोलन में नियुक्त रहे सेवानिवृत्त एचएएस अधिकारी एससी कलसोत्रा, तत्कालीन पार्षद देवेंद्र ठाकुर, हेमराज गोयल, अन्य पदाधिकारी और वे सब लोग शामिल हैं, जिन्हें भर्ती किया।
आरोपियों में से कुछ का तो देहांत हो चुका है। जयराम सरकार ने सत्ता में आते ही इस मामले को भी राजनीतिक आधार पर दर्ज मानते हुए वापस लेने का फैसला लिया था। इस बारे में भी सरकार की मंजूरी के बाद सरकारी वकील सुनील वासुदेवा ने ही कोर्ट में केस वापसी की अर्जी दी है। विशेष न्यायाधीश सोलन के कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 24 नवंबर को रखी गई है।