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राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में ये स्कूल खोलेगी जयराम सरकार

Sun, 04 Mar 2018 01:29 PM IST
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 04 Mar 2018 01:29 PM IST
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Himachal govt to start pre or play schools in anganwadi centres

सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए जयराम सरकार ने गंभीरता से काम करना शुरू कर दिया है। कान्वेंट स्कूलों को टक्कर देने के लिए सरकार ने प्रदेश में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल (प्री नर्सरी स्कूल) खोलने का फैसला लिया है।

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आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को अब पौष्टिक आहार देने के साथ-साथ पढ़ाई-लिखाई और खेल गतिविधियों के प्रारंभिक तरीके भी सिखाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि प्री नर्सरी स्कूलों का प्रयोग सफल रहने से सरकारी स्कूलों की पहली कक्षा में भी बच्चों की संख्या बढ़ेगी।
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सरकार ने इस नई व्यवस्था को शिक्षा विभाग के सौ दिन के टारगेट में शामिल किया है। प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या में गिरावट आने के चलते जयराम सरकार अब शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग करने जा रही है।
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इसी कड़ी में सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-नर्सरी स्कूलों के तौर पर विकसित करने का फैसला लिया है। प्रस्ताव के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीकी प्राइमरी स्कूलों से जोड़ा जाएगा।

आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को निजी स्कूलों के प्ले स्कूल और नर्सरी स्कूल वाली सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। वर्तमान में प्रदेश में स्थित निजी स्कूल तीन साल की आयु के बच्चे को प्ले स्कूल और चार साल की आयु तक के बच्चों को नर्सरी में प्रवेश देते हैं।

छह साल की आयु होने पर बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश दिया जाता है। निजी स्कूल उन्हीं बच्चों को पहली कक्षा में लेते हैं, जिन्होंने उनके स्कूल से नर्सरी-केजी की हो। ऐसे में सरकार ने अब आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-नर्सरी स्कूल के तौर पर तैयार करने का फैसला लिया है।


योग और शतरंज विषय शुरू करने की तैयारी
प्रदेश के हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में योग और शतरंज विषय भी शुरू करने की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने इस योजना को भी सौ दिन के टारगेट में शामिल किया है। वैकल्पिक विषयों के तौर पर इन दोनों विषयों को शुरू करने की योजना है।

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