कूड़े से बनेगा अब डीजल और बिजली, अमेरिका की कंपनी यहां लगाएगी प्लांट
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हिमाचल में अब घरों से निकलने वाले कूड़े से डीजल और बिजली बनेगी। कूड़े से ही गंदे पानी को सिंचाई योग्य, मेडिकल ग्रेड वाटर और मिनरल युक्त किया जाएगा। उपायुक्त कार्यालय में मंगलवार को अमेरिका की एजी डॉटर्स कंपनी और नगर परिषद ऊना के बीच 160 करोड़ के एनर्जी प्लांट पर एमओयू साइन हुआ।
नासा और अमेरिकी आर्मी के लिए 16 प्लांट बनाने वाली कंपनी का गारबेज से एनर्जी उत्पादित करने का देश में यह पहला प्लांट होगा। कंपनी के एमडी अजय गिरोत्रा ने बताया कि कंपनी ऊना नगर परिषद क्षेत्र में प्लांट लगाएगी। इसके लिए कंपनी सरकार से महज 15 कनाल भूमि लीज पर लेगी।
नगर परिषद को केवल डंपिंग साइट बनानी होंगी। वहां से पूरा कचरा एकत्र करने की जिम्मेदारी कंपनी की होगी। इसमें हर तरह का ठोस, तरल व मेडिकल वेस्ट कचरा शामिल होगा। कंपनी पर्यावरण को भी शुद्ध रखने की दिशा में प्रयास करेगी।
उपायुक्त राकेश प्रजापति की मौजूदगी में नप अध्यक्ष अमरजोत बेदी और एजी डॉॅटर्स के एमडी के बीच करार किया गया। बता दें कि इस कंपनी ने उत्तर प्रदेश में प्लांट के लिए करीबन एक दर्जन साइट चिह्नित की हैं, लेकिन अभी कंपनी से एमओयू नहीं हुआ है।
20 मीट्रिक टन कचरे से 10 मेगावाट उत्पादन
जर्मन तकनीक से बनने वाला वेस्ट मैनेजमेंट एनर्जी प्लांट प्रतिदिन 20 मीट्रिक कूड़े से 10 मेगावाट तक बिजली पैदा करेगा। नप अध्यक्ष अमरजोत बेदी ने बताया कि नप क्षेत्र से 6 से 7 टन कूड़ा निकलता है। जिला के अन्य नप क्षेत्रों से इसके लिए संपर्क किया जाएगा। करार के मुताबिक भविष्य में कंपनी से नप क्षेत्र में आधे दाम पर बिजली ली जा सकेगी।
..तो शिमला में पानी की कमी होगी पूरी- कंपनी का दावा है कि अगर शिमला में ऐसे प्रोजेक्ट लगाने की अनुमति मिलती है तो न केवल पानी की कमी पूरी होगी, बल्कि सार्वजनिक नलों में मिनरल ग्रेड वाटर की सप्लाई कंपनी कर सकती है। यह देश का पहला कामर्शियल प्लांट होगा।