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रासायनिक खादों और कीटनाशकों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाए हिमाचल सरकार: आयोग

Fri, 11 Oct 2019 06:55 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 11 Oct 2019 06:55 PM IST
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Himachal govt should put ban the use of chemical fertilizers and pesticides
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग - फोटो : अमर उजाला

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने हिमाचल में पारंपरिक प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए रासायनिक खादों, कीटनाशकों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की अपील की है। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में आयोग के अध्यक्ष डॉ. नंद कुमार साय ने मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, पुलिस महानिदेशक सीताराम मरडी सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की।

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अभी शिमला में सरकार के साथ बैठकर योजनाओं की जानकारी ली गई है। जल्द ही जिलों का दौरा कर धरातल की स्थिति का आंकलन किया जाएगा। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने हिमाचल सरकार द्वारा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के विकास एवं उत्थान के लिए किए जा रहे उत्कृष्ट योगदान की सराहना की है।
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अध्यक्ष डॉ. नंद कुमार साय ने हिमालय में पाए जाने वाले दुर्लभ औषधीय पौधों तथा जड़ी-बूटियों की पहचान के लिए सर्वे करवाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इन दुर्लभ औषधीय पौधे व जड़ी-बूटियों का संरक्षण व संवर्धन किया जाना चाहिए। आयोग ने प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में सिंगल लाइन प्रशासन होने के बावजूद भी प्रदेश में जनजातीय उप योजना, अधिनियम तथा नियमों के सफल कार्यान्वयन के प्रति संतोष जाहिर किया।

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आयोग ने इस बात पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की कि यहां जनजातीय लोगों पर होने वाले अत्याचार के मामले और इन क्षेत्रों में शिक्षा अधूरी छोड़ने वालों की संख्या लगभग शून्य है। उन्होंने कहा कि यह भी हर्ष की बात है कि पूरे प्रदेश में वन अधिकार अधिनियम को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।

प्रधान सचिव जनजातीय विकास ओंकार चंद शर्मा ने जनजातीय विकास विभाग की गतिविधियों से संबंधित तथा जनजातीय क्षेत्रों के विभिन्न स्तरों पर विकास के लिए बनाई गई नीतियों तथा कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

आयोग के सदस्य हरी कृष्ण डामोर, हर्षद भाई चुन्नीलाल वासवा, संयुक्त सचिव सीसी कुमार राठो, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार, प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत, सचिव खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले अमिताभ अवस्थी, सचिव ग्रामीण विकास राकेश कंवर सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

समृद्ध हैं हिमाचल के जनजातीय क्षेत्र के लोग

मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने आयोग को अवगत करवाया कि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के लोग समृद्ध हैं। इन क्षेत्रों में हर वर्ग का समान विकास हो रहा है। किन्नौर जिला का सेब तथा चिलगोजा, लाहौल का आलू तथा मटर पूरे देश में निर्यात किया जा रहा है। 

जनजातीय क्षेत्रों की अलग सीट बनाने का प्रस्ताव नहीं
आयोग के अध्यक्ष डॉ. नंद कुमार साय ने समीक्षा बैठक के बाद प्रेस वार्ता में बताया कि हिमाचल के जनजातीय क्षेत्रों के लिए अलग लोकसभा सीट बनाने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है।

जनजातीय क्षेत्रों के लिए रियायती दरों पर फ्लाइट्स शुरू करने को लेकर कोई मांग नहीं आई है। अगर मांग आएगी तो उस पर विचार किया जाएगा। डोडरा क्वार को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा देने का कोई प्रस्ताव अभी आयोग के पास नहीं आया है। यह मामला केंद्र सरकार के विचाराधीन है।

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