धूमल के खिलाफ केस वापस लेने पर फंसा पेच, अफसरों की ये राय
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सांसद अनुराग ठाकुर सहित एचपीसीए के अन्य मामलों को वापस लेने का जयराम सरकार समाधान नहीं निकाल पा रही है।
सरकार ने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) के खिलाफ दर्ज मामलों के साथ धूमल के खिलाफ अभियोजन मंजूरी वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन कानूनी अड़चनों के चलते मामले में पेच फंसा है।
सूत्रों के अनुसार एचपीसीए के मामले कोर्ट में विचाराधीन होने के चलते सरकार की मुश्किलें बनी हुई हैं। विधि विभाग से परामर्श लेने के लिए अभी इंतजार किया जा रहा है।
जनवरी में मंत्रिमंडल ने प्रतिशोध की भावना से पूर्व सरकार के कार्यकाल में दर्ज मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया था। एचपीसीए सहित पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल और एक आईएएस अधिकारी के खिलाफ केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हुई।
कानूनी अड़चनें नहीं हुईं दूर
29 जनवरी को सचिव समिति की बैठक में मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने गृह, राजस्व आदि विभागों को मामलों पर एक माह के भीतर निस्तारित करने के दिशा निर्देश दिए।
पूर्व सीएम धूमल के खिलाफ अभियोजन मंजूरी को वापस लेने के लिए मुख्य सचिव ने पुलिस महकमे के साथ बैठकें भी की। कई अधिकारियों को मामले से जुड़ी फाइलों को खंगाल कर कानूनी रास्ता निकालने में लगाया गया।
हालांकि, इस बीच सरकार ने एचपीसीए की लीज मनी के लंबित प्रकरणों पर कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, लेकिन कानूनी अड़चनें दूर नहीं हुईं।
पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह भी मामलों को कोर्ट में विचाराधीन होने के चलते उनकी वापसी पर सवाल खड़ा कर चुके हैं। ऐसे में अधिकारी भी संबंधित प्रकरणों से बचते दिख रहे हैं।