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HPTU: स्थापना के 11 साल बाद मिली नियमित शिक्षकों को भरने की मंजूरी, 52 पद भरेंगे

Sun, 31 Jul 2022 11:47 AM IST
अरविन्द ठाकुर प्रवीण कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
प्रवीण कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 31 Jul 2022 11:47 AM IST
सार

तकनीकी विवि हमीरपुर में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर समेत अन्य विभिन्न श्रेणियों के 52 पद भरने की मंजूरी दी गई है।

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himachal govt nod for 52 teaching posts in hptu hamirpur
तकनीकी विवि हमीरपुर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर को स्थापना के 11 साल बाद विवि में शिक्षकों की नियमित भर्ती करने की मंजूरी मिली है। हाल ही में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विवि में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर समेत अन्य विभिन्न श्रेणियों के 52 पद भरने की मंजूरी दी गई है। सरकार से अधिसूचना जारी होने के बाद ये पद भरने की प्रक्रिया शुरू होगी। वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने हमीरपुर में तकनीकी विवि खोलने की मंजूरी दी थी। इसके अंतर्गत प्रदेश में 20 फार्मेसी, 13 इंजीनियरिंग कॉलेज और बीबीए, एमसीए और एमबीए तथा होटल प्रबंधन संस्थान चल रहे हैं।

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तकनीकी विवि के दडूही स्थित कैंपस में भी एमबीए और होटल मैनेजमेंट समेत अन्य कक्षाएं चल रही हैं। वर्तमान में विवि प्रतिनियुक्ति और गेस्ट फैकल्टी पर ही चल रहा है। कुलपति, एक रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार और असिस्टेंट रजिस्ट्रार समेत 40 विभिन्न पदों पर ही नियमित नियुक्तियां हैं। डीन अकादमिक और डीन स्कूल भी प्रतिनियुक्ति पर हैं। डीन का एक अन्य पद खाली है। नियमित आधार पर शिक्षकों की भर्ती समेत अन्य कई कमियों के कारण विवि को अभी तक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से ग्रांट तक नहीं मिल पाई। हालांकि, बीते वर्ष सरकार से 10 करोड़ रुपये की विशेष ग्रांट मिली है, लेकिन विवि को चलाने औ विभिन्न विकास कार्यों के लिए नियमित ग्रांट की जरूरत है। 
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यह है धारा 12बी की मान्यता का महत्व
यूजीसी एक्ट 1956 की धारा 2 एफ के अंतर्गत देश के किसी भी विश्वविद्यालय को मान्यता दी जाती है और पंजीकरण होता है। यूजीसी एक्ट 1956 की धारा 12 में पंजीकृत विवि या कॉलेज को केंद्रीय अनुदान की पात्रता हो जाती है। वह यूजीसी, किसी भी केंद्रीय विभाग या अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से ग्रांट के लिए पात्र हो जाता है। इसके लिए कॉलेज को तय संख्या में फैकल्टी की नियुक्ति करनी होती है। विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक पर्याप्त क्लासरूम भी तैयार करने होते हैं। यूजीसी ग्रांट के लिए विश्वविद्यालय को 12बी में मान्यता मिलना बहुत जरूरी है।
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तकनीकी विवि में वर्तमान में नियमित फैकल्टी नहीं है। सरकार ने मंत्रिमंडल बैठक में 51 विभिन्न पदों को भरने की मंजूरी दी है। इससे विश्वविद्यालय को बुलंदियों पर पहुंचाने में मदद मिलेगी। - प्रो. शशि कुमार धीमान, कुलपति, हिमाचल प्रदेश तकनीकी विवि

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