हिमाचल में इस राज्य की तर्ज पर बढ़ेगा बस किराया, प्रस्ताव तैयार
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निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल से हिमाचल में 18 से 22 फीसदी बस किराया बढ़ना तय है। प्रदेश सरकार इसके लिए उत्तराखंड की पॉलिसी-2016 को अपनाने जा रही है। उत्तराखंड सरकार ने पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में अलग-अलग किराया तय किया है।
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों के लिए न्यूनतम किराया 5 रुपये तय है। साधारण किराये में पहाड़ी इलाकों के लिए 1.56 रुपये और मैदानी क्षेत्रों के लिए 98 पैसे प्रति किलोमीटर किराया निर्धारित है। हिमाचल में अभी सामान्य किराया 1.45 रुपये प्रति किलोमीटर है।
हिमाचल में वर्ष 2013 से साधारण किराया नहीं बढ़ा है जबकि पूर्व कांग्रेस सरकार ने न्यूनतम किराये में बढ़ोतरी कर 3 रुपये किया था। सरकार का मानना है कि डीजल में बढ़ोतरी हुई है।
ऐसे में किराये में कुछ इजाफा किया जाना वाजिब है। हालांकि, निजी बस ऑपरेटर यूनियन प्रदेश में 10 रुपये न्यूनतम और साधारण किराये में 40 फीसदी की बढ़ोतरी करने की मांग कर रही है। मुख्यमंत्री के साथ सचिवालय में हुई निजी बस ऑपरेटरों की बैठक में सरकार ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
सरकार 5 रुपये तक न्यूनतम किराया करने पर सहमत हुई है। परिवहन के प्रधान सचिव जेसी शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड सरकार के किराया पैट्रन को देख रही है। किराया कितना बढ़ाया जाना है, इसका फैसला कैबिनेट ने लेना है।