आचार संहिता हटते ही एक्शन मोड में सरकार, लिया ये फैसला
आचार संहिता हटने के बाद पहले ही दिन सोमवार को सरकार एक्शन मोड में नजर आई। निर्धारित से एक दिन पहले आचार संहिता खत्म होने के बाद सोमवार को राज्य सचिवालय में तीन मंत्री बैठे। इन्होंने अपने-अपने विभागों के अधिकारियों को तलब कर इनसे चर्चा की।
दो प्रमुख अभियंताओं की नियुक्ति के भी आदेश जारी किए। सोमवार को सरकार ने सबसे पहले दो प्रमुख अभियंताओं की पदोन्नति और नियुक्ति के आदेश जारी किए।
लोक निर्माण विभाग में ईएनसी प्रोजेक्ट आरके वर्मा की ईएनसी प्रशासनिक और हमीरपुर जोन के चीफ इंजीनियर बीआर धीमान को इंजीनियर इन चीफ प्रोजेक्ट लगाया। सरकार ने पहले दिन ही 9700 स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को लैपटॉप देने के टेंडर को भी मंजूरी दे दी।
सचिवालय में ये मंत्री रहे मौजूद
सचिवालय में स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा सचिवालय में मौजूद रहे। इन्होंने विकास कार्यों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों की फाइलें निपटाकर विभागाध्यक्षों को तलब किया।
सचिवों से भी मंत्रणा की। तीनों मंत्री दोपहर से पहले ही सचिवालय पहुंचे। मंत्रियों ने पहले लोगों से मुलाकात की और उसके बाद अफसरों की बैठक बुलाई।
मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने भी पहले ही दिन दो विभागों की अलग-अलग महत्वपूर्ण बैठकें लीं।
इनमें एक बैठक जनजातीय क्षेत्रों में मोबाइल सिग्नल कमजोर होने पर इसे ठीक करने और दूसरी बैठक वीवरेज कारपोरेशन पर हाईकोर्ट में चल रहे प्रकरण पर ली।
अतिरिक्त मुख्य सचिव लोनिवि और राजस्व मनीषा नंदा ने भी लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग के अफसरों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। सचिवालय में पिछले दिनों के बजाय ज्यादा हलचल नजर आई।