पॉलिसी बदलेगा शिक्षा विभाग, सत्र के बीच में सेवानिवृत्त नहीं होंगे स्कूली अध्यापक
अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र के बीच शिक्षकों की सेवानिवृत्ति नहीं होगी। स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई में बाधा न हो, इसके लिए 31 मार्च को एक साथ सेवा कार्यकाल पूरा करने वाले शिक्षकों को सेवानिवृत्त किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) की तर्ज पर शिक्षा विभाग रिटायरमेंट पॉलिसी बदलने जा रहा है।
शुक्रवार को उच्च शिक्षा निदेशालय में हुई समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने विभागीय अधिकारियों को इस बाबत प्रस्ताव तैयार के निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री ने सभी शिक्षा उपनिदेशकों से भी इस बाबत सुझाव मांगे हैं।
यूजीसी के नियमों के मुताबिक एचपीयू में सिर्फ जून में ही एक साथ शिक्षकों को सेवानिवृत्त किया जाता है। अब इसी तर्ज पर शिक्षा विभाग भी प्रस्ताव बनाने में जुट गया है। प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में हर माह कई शिक्षक सेवानिवृत्त होते हैं।
विषय शिक्षक की सेवानिवृत्ति होने और नए शिक्षक के पद ग्रहण करने में ज्यादा समय लगने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसका असर परीक्षा परिणामों में दिखाई देता है। इसी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने साल में एक बार ही शिक्षकों को सेवानिवृत्त करने की तैयारी की है।