पढ़ें, प्रदेश सरकार का छात्र हित में अहम फैसला
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हिमाचल में अब पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले दो सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में आर्ट्स के अलावा साइंस और कॉमर्स विषय भी पढ़ाए जा सकेंगे। प्रदेश सरकार ने आठ किलोमीटर दूरी की शर्त में बदलाव किया है। पुराने ही नहीं अपग्रेड स्कूलों में भी इसी सत्र से ये व्यवस्था लागू होगी। इससे प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के हजारों छात्रों को घर के नजदीकी स्कूल में अपना पसंदीदा विषय की सुविधा होगी। शिक्षा विभाग ने सभी उप निदेशकों को 31 मई तक ऐसे स्कूलों की सूची भेजने के निर्देश दिए हैं।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश सरकार सीनियर सेकेंडरी स्तर की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। पांच किलोमीटर के दायरे में दो स्कूलों में साइंस और कॉमर्स की भी पढ़ाई होगी। हालांकि, इन विषयों में तय मानकों के अनुसार छात्रों की संख्या होना जरूरी है। छात्रों की संख्या के आधार पर ही लेक्चरर की तैनाती और युक्तिकरण होगा। नए अपग्रेड स्कूलों में पांच पीजीटी तैनात किए जाएंगे। उन्हें हर सप्ताह 36 पीरियड पढ़ाने होंगे।
कितनी होनी चाहिए छात्र संख्या
जमा एक में आर्ट्स संकाय शुरू करने के लिए छात्र संख्या 70 होगी। यदि छात्रों की संख्या 70 से 120 को बीच होती है तो दूसरी (साइंस या कॉमर्स) संकाय शुरू किया जा सकेगा। दूसरा संकाय छात्रों की रुचि के अनुसार तय होगा। छात्रों की रुचि जानने और उसे संबंधित डिप्टी डायरेक्टर को बताने का जिम्मा मुख्याध्यापक का होगा। साधारण क्षेत्रों में तीनों संकाय के लिए छात्र संख्या 120 और इससे अधिक रखी गई है।
ट्राइबल और हार्ड एरिया का अलग पैमाना- ट्राइबल और हार्ड एरिया में जमा एक में आर्ट्स संकाय शुरू करने की शर्त 40 छात्रों का होना है। यदि छात्र संख्या 40 से बढ़कर 90 तक होती है तब वहां दूसरा संकाय शुरू कर सकते हैं। यदि ट्राइबल और हार्ड एरिया में जमा एक में छात्रों की संख्या 90 या इससे अधिक होती है तो तीनों संकाय शुरू किए जाएंगे।
उच्चतर शिक्षा विभाग निदेशक डॉ. शशिभूषण सेखरी ने कहा कि नियमों में बदलाव किया गया है। नए नियमों के बारे में सभी जिलों के उप निदेशकों को निर्देश भेज दिए गए हैं। उनसे 31 मई तक पूरी डिटेल मांगी गई है। इससे सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में अध्यापन की व्यवस्था मजबूत होगी।