एनजीटी की लगातार फटकारों के बीच एक हजार और परमिट की मांगी मंजूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की लगातार फटकारों के बीच प्रदेश सरकार ने रोहतांग दर्रे से गुजरने के लिए 1000 और परमिट जारी करने की अनुमति मांगी है। वर्तमान में एनजीटी ने 2200 वाहनों के लिए अनुमति दी है, लेकिन कम परमिट की वजह से टैक्सी चालक मनमाने दाम वसूल रहे हैं। इस लूट को दूर करने के उद्देश्य से अब सरकार ने एनजीटी से वर्तमान कोटे में इजाफा करने की मांग की है।
रोहतांग में लगातार बढ़ रही वाहनों की आवाजाही से वहां के पर्यावरण पर विपरीत असर पड़ रहा था। लगातार पर्यावरण को हो रहे नुकसान के बाद एनजीटी ने कई सख्त निर्देश जारी किए थे। इनमें वाहनों की आवाजाही निर्धारित करने के साथ हाल में वहां हो रहे अतिक्रमण को भी हटाने को कहा था। इसके बाद जिला प्रशासन ने पूरे रोहतांग दर्रे से दुकानें हटा दीं।
इसके बाद सरकार ने एनजीटी से अनुमति लेकर प्रभावित हुए लोगों के लिए ईको मार्केट बनाने का प्रस्ताव बनाया, जिसे एनजीटी ने मंजूरी दे दी। इसके अलावा परमिट की संख्या 2200 करने की मांग की थी। इसे स्वीकारते हुए एनजीटी ने अनुमति दे दी। बावजूद इसके वहां जाने वाले पर्यटकों की परेशानी को देखते हुए अब सरकार ने एक हजार और परमिट देने की मांग की है।
उधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण तरुण कपूर ने बताया कि कम वाहनों की वजह से कई शिकायतें आईं। इनमें वाहन चालकों की ओर से पर्यटकों से ज्यादा पैसे वसूलने की बात कही गई। इसके बाद ज्यादा वसूली करने वाले वाहन चालकों पर सख्ती के साथ एनजीटी से एक हजार और परमिट देने की इजाजत मांगी है।