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जागम-जाग भागम-भाग पाठ से दी जा रही नशे से दूर रहने की सलाह
Sat, 04 May 2019 05:10 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 04 May 2019 05:10 PM IST
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फाइल फोटो
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प्रदेश में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर युवाओं और छोटे बच्चों को जागरूक करने के लिए एससीईआरटी ने विशेष पहल की है। पांचवीं कक्षा के छोटे बच्चों के पाठ्यक्रम में उन्हें जागम जाग भागम भाग पाठ से नशे के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसे हाल में प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने पांचवीं की हिंदी विषय की किताब में प्रकाशित किया है।
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छोटी आयु में बच्चों को नशे की बुराइयों के प्रति परिवार की कहानी से जागरूक किया जा रहा है। बच्चे भी इस विषय में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। एससीईआरटी ने बच्चों को छोटी आयु से ही नशे के प्रति जागरूक करने को एक विषय तैयार किया। बाद इसे प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने पांचवीं की हिंदी विषय में शामिल किया है। पाठ में एससीईआरटी के प्रोफेसरों ने हिमाचल के एक परिवार की कहानी से बच्चों को जागरूक किया जा रहा है।
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एक परिवार की कहानी पर है आधारित
एक खुशहाल परिवार में घर का मुखिया दोस्तों के साथ शौकिया तौर पर शराब सहित अन्य नशे करने लगा। इसके बाद धीरे-धीरे नशे का आदी बनने लगा। इस कारण उसके खुशहाल परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ता है।
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नशे का आदी घर का मुखिया नशे के कारण बीमार हो जाता है। घर सहित उसकी सारी जमीन बिक जाती है। इसके बाद उसका बेटा पिता को देखकर संकल्प लेता है कि वह जिंदगी में कभी नशा नहीं करेगा और न ही किसी को इसकी चपेट में आने देगा।
शामिल हो चुका है पाठ
पाठ्यचर्या प्रकोष्ठ के सलाहकार अशोक गौतम तथा समन्वयक प्रो. वीना ने बताया कि छात्रों को पाठ्यक्रम के माध्यम से नशे के प्रति सचेत करने की परिषद ने विस्तृत योजना बनाई है। इसी शृंखला में कक्षा पांचवीं के पाठ में नशे को लेकर एक विषय तैयार किया गया।
इसे शिक्षा बोर्ड ने इस वर्ष हिंदी के पाठ्यक्रम में शामिल भी कर दिया है। इसमें पाठ्यक्रम के माध्यम से नशे से दूर रहने एवं इस सामाजिक कुरीति के प्रति अपने आसपास को जागरूक करने की जानकारी दी गई है।