यहां भी खनन पट्टे नीलाम करेगी सरकार, करोड़ों की होगी आमदनी
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प्रदेश सरकार रोहड़ू और रामपुर क्षेत्र में भी खनन पट्टों की नीलामी करने की तैयारी कर रही है। रोहड़ू और रामपुर क्षेत्र में 15 साल के लिए खनन पट्टे दिए जाएंगे। इसकी एवज में सरकार हर साल पट्टा राशि वसूल करेगी। प्रदेश के कई क्षेत्रों में सरकार ने खनन पट्टे नीलाम नहीं किए हैं।
इस कारण कई क्षेत्रों में अवैध रूप से खनन कर रेत और पत्थर निकालकर बेचे जा रहे हैं। इससे सरकार को हर साल करोड़ों के राजस्व की क्षति हो रही है। रामपुर और रोहड़ू क्षेत्र के अधिकांश क्षेत्रों में नदियों और नालों के किनारे अवैध खनन कर सरकारी खजाने पर चोट पहुंचाई जा रही है। रोहड़ू की पब्बर और रामपुर में सतलुज नदी किनारे भूमि पर खनन पट्टे देने की तैयारी है। इससे सरकार को हर साल करोड़ों की आमदनी होगी।
यह है खनन पट्टे देने की प्रक्रिया
विभिन्न जिलों में खनन पट्टे देने से पहले अधिकारियों की टीम निरीक्षण करती है। टीम में आईपीएच, पीडब्ल्यूडी, वन, राजस्व और उद्योग विभाग के अधिकारी शामिल किए जाते हैं। टीम देखती है कि इससे कहीं क्षेत्र में कोई पेयजल स्कीम प्रस्तावित तो नहीं हो रही है। आसपास निजी कृषि भूमि पर विपरीत असर तो नहीं पड़ेगा।
प्राकृतिक जल स्रोत तो नहीं सूखेंगे। राज्य या केंद्र सरकार की कोई योजन प्रभावित तो नहीं होगी। नदियों पर असर तो नहीं पड़ेगा। जंगलों और पर्यावरण पर खनन से असर तो नहीं पड़ेगा। इन बातों को ध्यान में रखकर खनन के लिए पट्टे दिए जाते हैं।
राज्य जियोलॉजिस्ट पुनीत गुलेरिया कहते हैं कि रोहड़ू के पब्बर और रामपुर के सतलुज क्षेत्र में खनन पट्टे दिए जाने हैं। सरकार ने कुल्लू जिले में 10 स्ट्रैच खनन के लिए 15 साल के पट्टे पर दिए हैं। ये दो करोड़ 16 लाख सालाना पट्टे राशि में जारी किए हैं।