प्याज से डरी सरकार, खाद्य वस्तुओं के बढ़ते दामों पर नियंत्रण की तैयारी
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लगातार बढ़ रहे प्याज के दाम से डरी हिमाचल सरकार अब बाजार पर खुद नियंत्रण रखने जा रही है। व्यापारियों की मनमानी रोकने के लिए खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन की फाइल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भेज दी है।
तर्क है कि देश में बढ़ती कीमतों के चलते कारोबारियों ने प्याज गोदामों में जमा कर लिया है। जैसे-जैसे दाम बढ़ रहे हैं। इसे महंगे दामों पर जनता को बेचा जा रहा है। हिमाचल में प्याज की कीमत 120 से 150 रुपये तक पहुंच गई है।
सरकार का मानना है कि भले ही प्याज के दामों में उछाल आया हो, लेकिन रेट 70 से 80 रुपये तक प्रति किलो होना चाहिए। सरकार ने वर्ष 2018-19 के बजट में कारोबारियों को राहत देने के लिए होल्डिंग एंड प्रोवेंशन ऑर्डर समाप्त कर दिया था।
घोषणा के बाद इस मामले को कैबिनेट की बैठक में लाया गया। यहां से मंजूरी मिलने के बाद कारोबारियों को राहत देने के लिए खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग की शक्तियां छीन लीं।
प्याज के दाम कंट्रोल करने के लिए सीएम से हुई चर्चा
तब से कीमतों पर विभाग का कंट्रोल नहीं है। पहले कारोबारियों को खाद्य वस्तुओं के रेट की सूची लगानी होती थी। मंडियों में सबका रेट एक समान होता था, जबसे इनके ऊपर नियंत्रण खत्म हुआ, तबसे कारोबारी मर्जी से रेट घटाते-बढ़ाते हैं।
प्याज की कीमत को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अफसरों से चर्चा की। जब मुख्यमंत्री ने कीमतों पर नियंत्रण करने के विभाग को निर्देश दिए तो विभाग ने शक्तियां बहाल करने के लिए फाइल चलाई है।
इसके अलावा प्याज की कीमत को लेकर प्रदेश सरकार का केंद्र से वार्तालाप जारी है। अन्य राज्यों की तर्ज पर केंद्र हिमाचल को भी प्याज की सप्लाई भेजेगा।