दागी शिक्षक के नाम की सिफारिश करने वाले अफसरों की आई शामत
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राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए दागी शिक्षक के नाम की सिफारिश करने वाले अफसरों की शामत आने वाली है। शिक्षा विभाग ने जिला शिमला के उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा और खंड शिक्षा अधिकारी से जवाब तलब करने का फैसला लिया है। इन अफसरों की ओर से ही सभी दस्तावेजों की जांच करने के बाद राज्य चयन कमेटी को नाम भेजे गए थे।
वित्तीय अनियमितताओं पर विवाद बढ़ने के बाद प्रदेश सरकार ने शिक्षक दिवस से एक दिन पहले सूची को संशोधित करते हुए दागी शिक्षक को पुरस्कार न देने का फैसला लिया। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है। चयन में लापरवाही से शिक्षा विभाग की फजीहत होने के बाद अब सरकार इस मामले को लेकर गंभीर हो गई है।
इसी कड़ी में जिला उपनिदेशक और खंड शिक्षा अधिकारी से जवाब तलब करने का फैसला लिया गया है। शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकारी दस्तावेजों की सही तरीके से जांच क्यों नहीं की गई। इसको लेकर अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
जिला शिमला के शिक्षक लालचंद मेहता का राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार की सूची से नाम कटने के बाद पोर्टमोर स्कूल के सीएचटी संजीव जिस्टू के नाम को शामिल किया गया। संजीव जिस्टू के प्रयासों से ही पोर्टमोर स्कूल में नर्सरी और केजी क्लास शुरू हुई है। स्कूल में अंग्रेजी मीडियम से भी पढ़ाई कराई जा रही है। एसएमसी को साथ लेकर स्कूल में संजीव जिस्टू ने कई नए बदलाव लाए हैं।