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हिमाचल के राज्यपाल ने भी की पहल, गाड़ी से हटाई लालबत्ती
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 21 Apr 2017 08:58 AM IST
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देश भर में लाल बत्ती का वीआईपी कल्चर खत्म करने के मोदी सरकार के फैसले के दूसरे ही दिन वीरवार को इसका हिमाचल में भी असर दिखा। राज्यपाल आचार्य देवव्रत और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने अपनी गाड़ियों से लाल बत्तियां उतार दीं।
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झंडूता के भाजपा विधायक रिखी राम कौंडल, राज्य पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने भी अपनी-अपनी गाड़ियों से बत्तियां उतार दी हैं।
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हिमाचल में लाल बत्ती उतारने की यह पहल कांग्रेस सरकार के वरिष्ठ मंत्री जीएस बाली ने पांच दिन पहले ही कर ली थी, मगर अब मोदी सरकार के निर्णय के बाद धड़ाधड़ वीआईपी खुद लाल बत्ती या बत्ती कल्चर को खत्म करने को आगे आ गए हैं।
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हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने पहल करते हुए अपने वाहन और काफि ले के सभी वाहनों से लाल बत्ती हटवाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बीते बुधवार को आयोजित बैठक में एक मई से वाहनों से लाल बत्ती हटाने का फैसला लिया गया है।
राज्यपाल ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है जिससे देश में वीआईपी संस्कृति समाप्त की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र की दिशा में यह एक बेहतर कदम है। इससे समाज में संभाव भी आएगा और आपराधिक प्रवृति के लोग जो लाल बत्ती लगाकर समाज को नुकसान पहुंचाते हैं, उसमें भी कमी आएगी।
राज्यपाल बगैर लाल बत्ती वाहन में ही चार दिवसीय प्रदेश से बाहर के प्रवास पर भी निकल गए। इस दौरान शिमला से दिल्ली पहुंचकर वहां भी उन्होंने सरकारी वाहनों से लाल बत्ती हटवाई। उधर, नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने नई दिल्ली में ही अपनी सरकारी गाड़ी से लाल बत्ती उतार दी। मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने शिमला में ही अपने वाहन से नीली बत्ती उतारी।
बिलासपुर जिला में झंडूता विस क्षेत्र के विधायक रिखीराम कौंडल ने मोदी सरकार के इस फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि वीआईपी कल्चर समाप्त करने की दिशा में यह सराहनीय कदम है। वीरवार को कौंडल के घर से रवाना होते समय ड्राइवर ने उनके निजी वाहन पर रोजमर्रा की तरह बत्ती लगाई, लेकिन गाड़ी में बैठने से पहले ही कौंडल ने उसे उतरवा दिया।
वाजपेयी बोले- सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने भी राज्यपाल आचार्य देवव्रत का अनुसरण करते हुए वीरवार को ही अपने दिल्ली दौरे के दौरान उनके सरकारी वाहन पर लगी नीली बत्ती को उतरवा दिया। कुलपति ने कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है।