महिला कर्मियों को नहीं मिल रहा 180 दिन का मातृत्व अवकाश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश की महिलाओं को 180 दिन के मातृत्व अवकाश का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस कारण महिला कर्मचारियों मे रोष व्याप्त है। केंद्र सरकार ने महिलाओं के लिए 180 दिन के मातृत्व अवकाश को मंजूरी दी है।
प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता लगने से पहले कैबिनेट ने महिला कर्मियों के लिए 180 दिन के मातृत्व अवकाश को मांजूरी दे दी थी। मगर, इस संबंध में प्रदेश सरकार द्वारा कोई भी अधिसूचना जारी नहीं की गई।
इस कारण प्रदेश की महिला कर्मियों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। महिलाओं को यह अवकाश पूर्ण सेवाकाल में सिर्फ दो बार ही मिलता है।
वहीं, केंद्र की महिला कर्मचारियों को 180 दिन का मातृत्व अवकाश मिल रहा है। केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत आउटसोर्स और अनुबंध कर्मियों को भी इस सुविधा का लाभ मिल रहा है।
लेकिन दूसरी तरफ प्रदेश सरकार के अधीन आने वाली महिला कर्मचारियों को सिर्फ 135 दिन का ही मातृत्व अवकाश मिल रहा है। प्रदेश की महिला कर्मचारियों में इस भेदभाव को लेकर रोष व्याप्त है।
इन महिला कर्मियों का कहना है कि जब केंद्र की कर्मियों इस सुविधा का लाभ मिल रहा है, तो प्रदेश की महिला कर्मचारी इस सुविधा से वंचित क्यों हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई कार्यालयों के दो तरह के कर्मियों के साथ अलग-अलग तरह का व्यवहार हो रहा है।
केंद्र के अधीन काम करने वालों को तो इस सुविधा का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन प्रदेश की कर्मचारियों को इस सुविधा का ला नहीं मिल पा रहा है।
प्रदेश की महिला कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि उन्हें भी 180 दिन के मातृत्व अवकाश की सुविधा का लाभ दिया जाए। कैबिनेट द्वारा अवकाश को मंजूरी दिए जाने के बाद से ही महिला कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ दिया जाए।