अफसरों को सताने लगा तबादले का भय, दरबार में जाकर दे रहे हाजिरी
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हिमाचल के आईएएस, एचएएस और अन्य निगम-बोर्डों के उच्च पदों पर बैठे अफसरों को जहां तबादले का भय सताने लगा है, वहीं कुछेक अफसर बड़ी सीट कब्जाने के लिए भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के दरबार में हाजिरी दे रहे हैं।
कांग्रेस और भाजपा नेताओं के घरों में इन अफसरों की होड़ देखी जा सकती है। हिमाचल में 18 दिसंबर को चुनाव नतीजे आने हैं। पार्टी नेता ऐसे अफसरों की लिस्ट बनाकर बैठे हैं, जो विधानसभा चुनाव के दौरान नेताओं को नजरअंदाज किए हुए हैं। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने में अभी डेढ़ सप्ताह शेष है।
लेकिन अफसरशाही दोनों पार्टियों के नेताओं को मुबारकबाद देने के साथ अपनी गोटियां फिट करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अफसर वरिष्ठ नेताओं के आसपास रहने वाले लोगों या फिर विधायक को साथ ले जाकर वरिष्ठ नेताओं के घर में दस्तक दे रहे हैं।
अफसरों की टेबल पर भी बन रहीं सरकारें
सचिवालय में कुछ वरिष्ठ अफसरों के ऑफिसों में कनिष्ठ अधिकारी हाजिरी भर रहे हैं। हिमाचल में करीब 20 निगम जबकि 11 बोर्ड हैं। इनमें सरकार के चहेते अफसरों को एमडी या निदेशक पदों पर तैनात किया जाता है।
कई निगम और बोर्ड में अफसरों की तैनाती के बजाए नेताओं के करीबी को चेयरमैन या वाइस चेयरमैन पद पर तैनाती दी जाती है।
हिमाचल विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर मानी जा रही है। अफसर एक-एक सीट को जोड़कर देख रहे हैं। सचिवालय में अफसरों की टेबल पर ही नहीं बल्कि मुख्य कार्यालय में भी सरकारें बनाई जा रही हैं।
मलाईदार महकमों के लिए जुगाड़ भिड़ा रहे कुछ अफसर अपने सियासी आकाओं के कान भरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। विरोधी सियासी कैंप वाले अफसरों की गतिविधियों और पुराने मामलों को बढ़ा चढ़ाकर बताया जा रहा है।