शिक्षकों पर शिकंजा, अब छुट्टी पर जाने से पहले करना होगा ये काम
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों और गैर शिक्षकों को छुट्टी जाने से पहले ही कैजुअल लीव मंजूर करवाना अनिवार्य कर दिया है। बुधवार को निदेशालय ने नई व्यवस्था का पालन के सभी जिलों को आदेश जारी कर दिए हैं। स्टाफ के स्कूलों से गायब रहने के मामले बढ़ने पर निदेशालय ने यह संज्ञान लिया है।
नई व्यवस्था के तहत प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों और गैर शिक्षकों को सेंटर हैड टीचर से, सेंटर हैड टीचर, बीआरसीसी और ब्लाक में काम करने वाले स्टाफ को ब्लाक अफसर से, फील्ड बीईईओ और उपनिदेशक कार्यालयों में तैनात स्टाफ को जिला उपनिदेशक से, उपनिदेशकों को संबंधित जिलों के उपायुक्त या सहायक उपायुक्तों से, डाइट में कार्यरत स्टाफ को प्रिंसिपल डाइट से और प्रिंसिपल डाइट को निदेशक प्रारंभिक शिक्षा से कैजुअल लीव छुट्टी पर जाने से पहले मंजूर करवाने के आदेश दिए हैं।
स्कूलों से नदारद रहते हैं शिक्षक
निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा ने बताया कि बीते दिनों विभिन्न जिलों के स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान कई शिक्षक और गैर शिक्षक स्कूलों से नदारद मिले। हाजिरी रजिस्ट्रर में भी शिक्षक कहां है, इसका कोई उल्लेख नहीं मिला।
कुछ जगह शिक्षकों द्वारा बिना तारीख लिखे, छुट्टी पर जाने का प्रार्थना पत्र भी मिला। इन सब मामलों के सामने आने के बाद निदेशालय ने नई व्यवस्था की है।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निदेशक ने बताया कि अगर किसी को इमरजेंसी में छुट्टी जाना है तो इसकी सूचना भी उन्हें अपने अधिकारियों को एसएमएस से देनी होगी।