सीएम और मंत्री की पसंद के चक्कर में कर दिया ये कारनामा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स की अलग-अलग पसंद होने के कारण प्रदेश उद्यान निदेशालय में दो समानांतर निदेशक बैठेंगे। एक उद्यान निदेशक डा. एचएस बावेजा हैं तो दूसरे डा. हेमराज शर्मा। डा. हेमराज शर्मा को बागवानी विकास परियोजना की नर्सरी मैनेजमेंट कमेटी की कमान दी गई है।
हिमाचल मंत्रिमंडल ने डा. हेमराज शर्मा का पद बागवानी निदेशक के बराबर करने को भी मंजूरी दे दी। अब उन्हें बागवानी निदेशक के बराबर की तमाम सुविधाएं मिलेंगी और वे सीधा सरकार को ही रिपोर्ट करेंगे। बताया जा रहा है कि प्रतिनियुक्ति से निदेशक की नियुक्ति के पक्ष में बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स पहले से ही नहीं थीं।
उद्यान मंत्री चाहती थीं कि विभाग का वरिष्ठ अधिकारी ही उद्यान निदेशक हो। इसके बावजूद निदेशक की प्रतिनियुक्ति से नियुक्ति करने की नई परंपरा को वे रोक नहीं पाईं और नौणी विश्वविद्यालय से प्रतिनियुक्ति पर आए डा. एचएस बावेजा को निदेशक बना दिया गया था।
नियुक्ति पर पहले भी हो चुका बवाल
सूत्रों ने बताया कि नए निदेशक डा. एचएस बावेजा अपनी नियुक्ति के लिए सीएम कार्यालय को मनाने में कामयाब हो गए थे। मगर बागवानी निदेशालय में अब उनके समानांतर पद पर डा. हेमराज शर्मा होंगे। बेशक उनके पास अभी नर्सरी मैनेजमेंट कमेटी का काम है। आने वाले दिनों में उनका दायित्व बढ़ाया जा सकता है।
डा. हेमराज शर्मा बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स के पसंदीदा अफसरों में से एक माने जाते हैं। डा. हेमराज शर्मा की ये नियुक्ति ठियोग के शिलारू में होने जा रहे वीरभद्र-स्टोक्स के संयुक्त कार्यक्रम से पहले हुई है। इस संयुक्त कार्यक्रम के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं, इसीलिए ये नियुक्ति चर्चा में है। शिलारू में बागवानी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को खोला जा रहा है, जिसका नियंत्रण भी डा. हेमराज शर्मा के पास ही रहेगा।
राज्य बागवानी महकमे में कुछ महीने पहले निदेशक पद पर बागवानी विश्वविद्यालय नौणी के अधिकारी डा. एचएस बावेजा की नियुक्ति की गई तो उस वक्त भी बवाल खड़ा हो गया था। खुद की पदोन्नति के लिए तत्कालीन संयुक्त निदेशक डा. हेमराज शर्मा तो प्रशासनिक ट्रिब्यूनल तक चले गए थे। फिर राज्य सरकार ने विभागीय पदोन्नति कमेटी की बैठक के बाद डा. हेमराज शर्मा को निदेशक की पदोन्नति तो दी थी, मगर वे बागवानी निदेशक के समकक्ष नहीं थे।