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हिमाचल प्रदेश: कर्ज के सहारे विकास को रफ्तार देगी हिमाचल की सुक्खू सरकार, बाजार से जुटाएगी 700 करोड़ रुपये
Sun, 30 Aug 2026 10:01 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 30 Aug 2026 10:01 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश सरकार 700 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने जा रही है। इसके लिए 7.56 फीसदी सालाना ब्याज दर तय की गई है। सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी एक सितंबर को आरबीआई के मुंबई कार्यालय में ई-कुबेर प्रणाली के माध्यम से होगी। सरकार यह ऋण 13 साल के लिए लेगी। ब्याज का भुगतान हर साल 8 जनवरी और 8 जुलाई को होगा, जबकि मूलधन की अदायगी 8 जुलाई 2039 को की जाएगी।
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हिमाचल सरकार फिर लेगी कर्ज।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार एक बार फिर बाजार से कर्ज जुटाने जा रही है। प्रदेश सरकार 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेगी। इसके लिए वित्त विभाग ने 7.56 फीसदी सालाना ब्याज दर तय की है। केंद्र सरकार से ऋण लेने की मंजूरी मिलने के बाद वित्त विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी एक सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मुंबई कार्यालय में होगी। नीलामी आरबीआई की ई-कुबेर प्रणाली के माध्यम से की जाएगी। नीलामी का परिणाम भी एक सितंबर को ही घोषित किया जाएगा।
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13 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा कर्ज
सरकार यह 700 करोड़ रुपये का ऋण 13 साल की अवधि के लिए लेगी। तय शर्तों के मुताबिक सरकार को इस राशि पर 7.56 फीसदी सालाना ब्याज चुकाना होगा। ब्याज का भुगतान प्रत्येक वर्ष 8 जनवरी और 8 जुलाई को किया जाएगा। वहीं, ऋण की मूलधन राशि की पूरी अदायगी 8 जुलाई 2039 को की जाएगी।
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विकास कार्यक्रमों में इस्तेमाल होगी राशि
सरकार के अनुसार, इस ऋण से प्राप्त राशि का इस्तेमाल प्रदेश के विकास कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा। इसके लिए प्रधान सचिव वित्त की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी प्रक्रिया आरबीआई की ई-कुबेर प्रणाली के तहत पूरी होगी। नीलामी के बाद मिलने वाली राशि को सरकार अपने निर्धारित विकास कार्यों में उपयोग करेगी।