हिमाचल: नादाैन की दीक्षा समेत हिमाचल के पांच युवा सेना में बने लेफ्टिनेंट
प्रदेश के पांच नौजवानों ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर हिमाचल का नाम रोशन किया है। शनिवार को गया, चेन्नई और देहरादून में पासिंग आउट परेड हुई।
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हिमाचल प्रदेश के पांच नौजवानों ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर हिमाचल का नाम रोशन किया है। शनिवार को गया, चेन्नई और देहरादून में पासिंग आउट परेड हुई। इसमें जवानों ने देश सेवा की शपथ ली। लेफ्टिनेंट बनने वालों में हमीरपुर जिले से रोहित शर्मा, अखिल और दीक्षा, कांगड़ा से ऋतिक शर्मा और शिमला जिले के ऋषभ गुप्ता ने कमिशन प्राप्त किया। इनकी उपलब्धियों से प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है।
सिविल इंजीनियर है दीक्षा
उपमंडल नादौन के कोहला पलासड़ी गांव की दीक्षा सेना में लेफ्टिनेंट बनी हैं। दीक्षा ने 12वीं तक की पढ़ाई डीएवी स्कूल कांगू से की है, जबकि सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई मंडी से की। उन्होंने एनडीए परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद सितंबर से एसएससी डब्ल्यू टेक का प्रशिक्षण शुरू किया। प्रशिक्षण अवधि समाप्त होने के बाद दीक्षा गया में आयोजित पासिंग आउट परेड में शामिल हुईं। दीक्षा ने सफलता का श्रेय दादा दिवंगत शोभन सिंह, दादी सुखां देवी, माता-पिता और अध्यापकों को दिया। दीक्षा के पिता रतन चंद भी सेना में हैं और माता सरिता देवी गृहिणी हैं। उनका भाई अक्षय कुमार इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।
बड़े भाई से प्रेरणा लेकर ऋषभ गुप्ता में बने लेफ्टिनेंट
सेना में बतौर मेजर सेवाएं दे रहे बड़े भाई से प्रेरणा लेकर ऋषभ गुप्ता भी लेफ्टिनेंट बन गए हैं। ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी, गया में शुक्रवार को उन्हें कमीशन मिला। इस दौरान उनके पिता संजय गुप्ता, माता अरुण बाला और बड़े भाई भी मौजूद रहे। संजय गुप्ता के दोनों बेटे अब सेना में रहकर देश की सेवा करेंगे। ऋषभ की प्राथमिक पढ़ाई डीएवी टुटू से हुई। आगे की पढ़ाई डीएवी लक्कड़ बाजार से पूरी करने के बाद उन्होंने मनिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की। उनके बड़े भाई प्रतीक गुप्ता वर्ष 2016 में सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन हुए। वे वर्तमान में एनडीए खड़गवासला में बतौर इंस्ट्रक्टर तैनात हैं।
बड़े भाई की प्रेरणा से ऋषभ के मन में भी सेना में अफसर बनकर देश की सेवा करने का सपना पला। वह कई बार बड़े भाई से कहते थे कि वे भी सेना में अफसर बनेंगे। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद ऋषभ ने सपने को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत शुरू की। इस दौरान कठिन परीक्षा पास करने के लिए उन्हें अपने भाई से मार्गदर्शन और प्रेरणा मिली। वर्ष 2024 में उन्होंने एनडीए की परीक्षा पास की और सपना साकार किया। एक साल की प्रशिक्षण अवधि के बाद शनिवार को ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी गया में कमिशन पाने पर वे माता-पिता और भाई के साथ बेहद खुश नजर आए। संजय गुप्ता एलआईसी शिमला से इसी वर्ष 31 मार्च को सेवानिवृत्त हुए। माता अरुणबाला अर्की कॉलेज में लाइब्रेरियन हैं। संजय गुप्ता ने दोनों बेटों की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके दोनों बेटे सेना में अफसर बनकर देश की सेवा करेंगे।
रोहित शर्मा भारतीय सेना में बने लेफ्टिनेंट
तहसील नादौन के रंघाड़ गांव के रोहित शर्मा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। रोहित ने प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय रंघाड़ से की। इसके बाद 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय डुंगरी (भोरंज) से पूरी की। उन्होंने आगे की पढ़ाई जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर पूरी की। उनकी मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, पिता अजीत कुमार निजी काम करते हैं। छोटे भाई मोहित शर्मा निजी कंपनी में कार्यरत हैं। रोहित ने सफलता का श्रेय दादा दिवंगत वासुदेव शर्मा, दादी दिवंगत कलावती, माता-पिता और पूरे परिवार को दिया है। उनकी उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
सुलह के ऋतिक शर्मा बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट
विधानसभा क्षेत्र सुलह की खड़ौठ पंचायत के निवासी ऋतिक शर्मा ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। अजय शर्मा और रीना शर्मा के घर जन्मे ऋतिक ने 12वीं तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय पपरोला से की। इसके बाद उन्होंने बीटेक और एम टेक की डिग्री राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर से की। पढ़ाई पूरी करने के बाद ऋतिक ने सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर सेना में कमीशन प्राप्त किया और लेफ्टिनेंट बने। ऋतिक के पिता अजय शर्मा धीरा स्कूल में अध्यापक हैं, जबकि उनकी माता रीना शर्मा नौरा स्कूल में टीजीटी (आर्ट्स) अध्यापिका हैं। ऋतिक ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है।
कोसरी के अखिल सेना में बने लेफ्टिनेंट
लंबागांव खंड की कोसरी पंचायत के अखिल ने भारतीय सेना में कमीशन पास कर लेफ्टिनेंट की उपाधि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अखिल ने जमा दो तक की पढ़ाई आर्मी स्कूल योल से की। इसके बाद उन्होंने एनआईटी हमीरपुर से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। अखिल के पिता भारतीय सेना से सूबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं।