{"_id":"61ceb031c9b1da56050bf277","slug":"himachal-first-virtual-traffic-court-opened-in-shimla","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: प्रदेश का पहला वर्चुअल ट्रैफिक कोर्ट शिमला में खुला, घर बैठे भर सकेंगे चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: प्रदेश का पहला वर्चुअल ट्रैफिक कोर्ट शिमला में खुला, घर बैठे भर सकेंगे चालान
Fri, 31 Dec 2021 12:54 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Fri, 31 Dec 2021 12:54 PM IST
सार
इस सुविधा के शुरू होने के बाद आपको चालान के भुगतान के लिए अब कोर्ट आने की जरूरत नहीं होगी। सीधा मोबाइल पर आएगा मैसेज, लिंक पर जाकर ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं।
विज्ञापन
चालान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शिमला में गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायालय चक्कर में प्रदेश के पहले वर्चुअल ट्रैफिक कोर्ट का उद्घाटन हुआ। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुहम्मद रफीक ने न्यायाधीश सबीना, न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान, न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर, न्यायाधीश अजय मोहन गोयल, न्यायाधीश संदीप शर्मा, न्यायाधीश चंद्र भूषण बारोवालिया, न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ, न्यायाधीश सत्येन वैद्य और रजिस्ट्रार जनरल वीरेंद्र सिंह की मौजूदगी में ट्रैफिक मैजिस्ट्रेट के वर्चुअल कोर्ट का उद्घाटन किया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुकरेजा ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए वर्चुअल ट्रैफिक कोर्ट की सुविधा शुरू की गई है। लोगों को अब कोर्ट आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सॉफ्टवेयर की मदद से कोर्ट से सीधे मेसेज संबंधित व्यक्ति को चला जाएगा। मेसेज के साथ आए लिंक पर क्लिक कर घर बैठे चालान का भुगतान किया जा सकेगा।
इस सुविधा के शुरू होने से समय की बचत होगी और समन और वारंट की औपचारिकता भी नहीं करनी पड़ेगी। ट्रैफिक मैजिस्ट्रेट आर मेहुल शर्मा इस मौके पर बतौर पीठासीन अधिकारी मौजूद रहे। जिला एवं सत्र न्यायालय के सभी न्यायाधीशों के अलावा उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक मोनिका सहित बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और न्यायालय के अधिवक्ता इस मौके पर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुकरेजा ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए वर्चुअल ट्रैफिक कोर्ट की सुविधा शुरू की गई है। लोगों को अब कोर्ट आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सॉफ्टवेयर की मदद से कोर्ट से सीधे मेसेज संबंधित व्यक्ति को चला जाएगा। मेसेज के साथ आए लिंक पर क्लिक कर घर बैठे चालान का भुगतान किया जा सकेगा।
विज्ञापन
इस सुविधा के शुरू होने से समय की बचत होगी और समन और वारंट की औपचारिकता भी नहीं करनी पड़ेगी। ट्रैफिक मैजिस्ट्रेट आर मेहुल शर्मा इस मौके पर बतौर पीठासीन अधिकारी मौजूद रहे। जिला एवं सत्र न्यायालय के सभी न्यायाधीशों के अलावा उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक मोनिका सहित बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और न्यायालय के अधिवक्ता इस मौके पर मौजूद रहे।
विज्ञापन