मंत्री वीरेंद्र कंवर बोले- ज्यूरी में बनेगा हिमाचल का पहला गद्दी गोट फार्म
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पशुपालन विभाग प्रदेश का पहला गद्दी गोट फार्म ज्यूरी में खोलने जा रहा है। इसमें प्रदेश की गद्दी गोट नस्ल की 500 बकरियां और 25 बकरे रखे जाएंगे। यह बात पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने ज्यूरी में पत्रकार वार्ता में कही। गद्दी गोट फार्म पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
विलुप्त हो रही रामपुरी बकरियों की नस्ल को बचाने के भी प्रयास किए जाएंगे। सरकार पशुधन के संरक्षण और विकास के लिए प्रयासरत है, ताकि प्रदेश के किसानों की पशुपालन से आर्थिक समृद्धि हो सके। भेड़ फार्म को आधुनिक तकनीक से प्रदेश की पशुपालकों की नस्लों को भी सुधारा जा रहा है। उन्होंने भेड़ प्रज्जन केंद्र ज्यूरी में जर्जर हो रहे भवनों के जीर्णोद्धार के धन राशि देने की बात भी कही।
वर्तमान में 1955 में प्रदेश के पहले और सबसे बड़े भेड़ फार्म में ऑस्ट्रेलिया की रेम्बुले और स्पेन की मेरिनो नस्ल की सैकड़ों भेड़ों का प्रजनन किया जा रहा है। अब सरकार करीब तीन हजार बीघा क्षेत्रफल वाले फार्म में गद्दी गोट फार्म शुरू करने वाली है।
इसको देखते हुए ज्यूरी फार्म में आधुनिक कृत्रिम गर्भधान प्रयोगशाला भी शुरू कर दी गई है। पशुपालन विभाग के निदेशक स्वदेश चौधरी बताया कि इसका प्राकलन तैयार कर जल्द सरकार को दिया जाएगा।
प्रदेश में 47.50 करोड़ से बनेगा सॉर्टिड सीमन फैसिलिटी सेंटर
प्रदेश में पशुपालन एवं डेयरी गतिविधियों को व्यापक बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं चलाई जा रही हैं। केंद्र सरकार से प्रदेश में शीघ्र 47.50 करोड़ से एक सॉर्टिड सीमन फैसिलिटी केंद्र को मंजूरी मिल गई है। इस केंद्र में देसी नस्ल की गाय के ऐसे इंजेक्शन तैयार किए जाएंगे, जिससे केवल बछड़ी ही पैदा होगी।
केंद्र सरकार 90 प्रतिशत और हिमाचल सरकार 10 प्रतिशत धन देगी। सॉर्टिड सीमन फैसिलिटी केंद्र स्थापित करने के लिए कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के लमलैहड़ी में 740 कनाल भूमि का चयन कर लिया गया है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत केंद्र को मंजूरी मिली है।
कृषि का मशीनीकरण होने के बाद खेती में बैलों का प्रयोग काफी कम हो गया है। इससे बछड़े पैदा होने पर लोग उन्हें सड़क पर बेसहारा छोड़ देते हैं। इससे बेसहारा पशुओं की समस्या से छुटकारा मिलेगा। गरीबी रेखा से नीचे रह रहे किसानों को 85 प्रतिशत और अन्य किसानों को 60 प्रतिशत उपदान पर बकरियां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सरकार ने 6 करोड़ का प्रावधान किया है। गोकुल मिशन के तहत 11 करोड़ की लागत से मुर्रा नस्ल की भैंसों का फार्म और 34 करोड़ की लागत से गोकुल गांव स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।
राज्य की सभी डेयरी सहकारी समितियों को चरणबद्ध तरीके से स्वचालित दूध संग्रह इकाई प्रदान की जाएंगी। प्रथम चरण में 40 नई स्वचालित दूध संग्रह इकाइयां और मिल्क एनालाइजर सहकारी समितियों को दी जाएंगी। दूध उत्पादकों की सुविधा के लिए जिला शिमला में दत्तनगर एवं जिला मंडी में चक्कर में 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
50 प्रतिशत उपदान दिया जा रहा है। प्रदेश में दो करोड़ से साहिवाल और रेडसिंधी नस्ल की गायों के संरक्षण होगा। 11 करोड़ से साहीवाल और रेडसिंधी पशुधन प्रजनन फार्म स्थापित किया जाएगा। ग्रामीण विकास एवं पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सरकार पशुपालन व्यवसाय के विस्तार के लिए 47.50 करोड़ से बनेगा सॉर्टिड सीमन फैसिलिटी सेंटर मंजूर कराया है। सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोजेक्टों पर काम कर रही है।