फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal: FIR Filed Against Bank Officials in MSME Loan Case Following Complaint by Businessman

हिमाचल: कारोबारी की शिकायत पर एमएसएमई ऋण मामले में बैंक अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर

Fri, 10 Apr 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 10 Apr 2026 05:00 AM IST
सार

पुलिस ने कारोबारी की शिकायत पर थाना बालूगंज में बीएनएस की अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।

विज्ञापन
Himachal: FIR Filed Against Bank Officials in MSME Loan Case Following Complaint by Businessman
एफआईआर(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के एक कारोबारी ने होटल बनाने के लिए एमएसएमई योजना के तहत 9.90 करोड़ के ऋण मामले में एक प्रतिष्ठित बैंक के अधिकारियों पर षड्यंत्र रचकर करोड़ों का आर्थिक नुकसान पहुंचाने, जाली दस्तावेज बनाने और होटल जबरन नीलाम कर हड़पने की कोशिश करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने कारोबारी की शिकायत पर थाना बालूगंज में बीएनएस की अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।

विज्ञापन

कारोबारी सुमित सूद ने दी है ये शिकायत
कारोबारी सुमित सूद की ओर से पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक साल 2015 में उन्होंने होटल के लिए मालरोड स्थित एक प्रतिष्ठित बैंक से 9.90 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट को पहले 16.55 करोड़ से घटाकर 14.55 करोड़ करने के लिए कहा और टॉपअप का वादा किया। एनजीटी प्रतिबंध, कोविड लॉकडाउन जैसी मुसीबतों के बावजूद बैंक ने ऋण का पुनर्गठन नहीं किया और खाते को बार-बार एनपीए घोषित कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक के एक अधिकारी ने उनसे रिश्वत मांगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

सब्सिडी पास करवाने के नाम पर 26 लाख की रिश्वत मांगी: शिकायतकर्ता
जब उन्होंने इन्कार किया तो (डेट ऑफ कमेंसमेंट ऑफ कॉमर्शियल ऑपरेशन) तिथि बदलकर यूनिट को जानबूझकर तनावग्रस्त करने का काम किया गया। इसके बाद उन्हें संपत्ति योजना में ऋण का पुनर्गठन करने के नाम पर 42 लाख रुपये जमा करवाने के लिए कहा गया। उन्होंने परिवार के गहनों पर गोल्ड लोन के आधार 42 लाख का ऋण लिया और जमा करवाए, लेकिन बैंक अधिकारियों ने षड्यंत्र के तहत होटल का मूल्यांकन कम करवाकर बाद में पुनर्गठन करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद 2.60 करोड़ की सब्सिडी पास करवाने के नाम पर 26 लाख की रिश्वत मांगी, जिसे उन्होंने देने से मना कर दिया।

विज्ञापन

बैंक अधिकारियों पर ये आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक के अधिकारियों ने 5-09-24 को फर्जी एफआरआर मीटिंग के मिनट्स बनाकर उनकी उपस्थिति दिखाई, जबकि वह बैठक में गए ही नहीं थे। नियम दरकिनार करके ऋण खाते को एनपीए घोषित कर सरफेसी एक्ट के तहत आदेश जारी करवाए, जबकि उनको सब्सिडी में मिले 2.60 करोड़ रुपये जमा करवाने के बाद बैंक खाते नियमित हो गए थे। कारोबारी का दावा है कि 9.90 करोड़ के ऋण के खिलाफ उन्होंने 14.40 करोड़ से ज्यादा चुका दिए हैं, फिर भी बैंक 13 करोड़ से अधिक के ब्याज का दावा कर रहा है, जो कुल मिलाकर 45-50 करोड़ तक पहुंच सकता है। पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 318(2), 318(3), 338, 336(3), 336(4), 340(2) और 61(2) के तहत दर्ज किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed