फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal executive chief justice sanjay karol statement

इलाज से वंचित न रहें गरीब मरीज : संजय करोल

Fri, 20 Apr 2018 09:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Fri, 20 Apr 2018 09:57 AM IST
विज्ञापन
himachal executive chief justice sanjay karol statement

प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल ने कहा है कि गरीब मरीज इलाज से वंचित न रहें। दवाइयों के निर्माण, वितरण तथा निर्धारण में नियामक एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका है और इन एजेंसियों को अपने दायित्व का ईमानदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि आम जनमानस को जेनेरिक दवाइयों के बारे में जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। मुख्य न्यायाधीश वीरवार को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में स्वास्थ्य विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से निशुल्क जेनेरिक दवाइयों की उपलब्धता, प्रापण तथा गुणवत्ता पर आयोजित कार्यशाला में
विज्ञापन


बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में न्यायाधीश न्यायमूर्ति त्रिलोक चौहान, न्यायमूर्ति सुरेश्वर ठाकुर, न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल और न्यायमूर्ति संदीप शर्मा भी मौजूद रहे। न्यायमूर्ति संजय करोल ने कहा कि गांव के गरीब व बेसहारा मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही मूल उपचार सुविधा
विज्ञापन
विज्ञापन


मिल जानी चाहिए। लेकिन यह चिंता की बात है कि गरीब मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे को रेफर किया जाता है और अंतत: मरीज कई बार इलाज से वंचित तक रह जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर के अस्पतालों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।

चिकित्सकों को इमानदारी के साथ करना चाहिए अपने व्यवसाय का निर्वहन

himachal executive chief justice sanjay karol statement

उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को भी अपने व्यवसाय का इमानदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए, ताकि कोई पीड़ित व्यक्ति अव्यवस्था का शिकार न बने। उन्होंने कहा कि 108 राष्ट्रीय एंबुलेस सेवा में भी सुधार की आवश्यकता है।

प्रधान सचिव स्वास्थ्य प्रबोध सक्सेना ने उनका स्वागत किया। उच्च न्यायालय के महाधिवक्ता अशोक शर्मा, पूर्व महाधिवक्ता श्रवण डोगरा ने भी सुझाव दिए। विशेष सचिव स्वास्थ्य एवं प्रबंध निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पंकज राय ने धन्यवाद किया।

आईजीएमसी के डा. राजीव रैणा ने जेनेरिक तथा ब्रांडेड दवाओं में अंतर और गुणवत्ता के बारे जानकारी देते हुए कहा कि वास्तव में इन दोनों की गुणवत्ता में कोई अंतर नहीं है। डा. गोपाल बेरी उपनिदेशक स्वास्थ्य ने निशुल्क दवा नीति पर प्रस्तुति दी।

उन्होंने कहा कि भारत में उपलब्ध हर तीसरी दवा का निर्माण हिमाचल प्रदेश में किया जा रहा है। कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के अधिकारी, स्वास्थ्य निदेशक डा. बलदेव ठाकुर, पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधि, चिकित्सक, विधि विश्वविद्यालय, कॉलेजों के विद्यार्थी तथा अन्य हितधारक मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed