खर्चे कम करने को बिजली बोर्ड करेगा स्टाफ में कटौती
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दो हजार करोड़ के वित्तीय घाटे से गुजर रहे राज्य बिजली बोर्ड के खर्चे कम करने को सरकार स्टाफ में कटौती करने जा रही है। उत्तराखंड की तर्ज पर सरप्लस स्टाफ के युक्तिकरण को बोर्ड में कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीते दिनों बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस में हुई समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने बोर्ड प्रबंधन को एक माह के भीतर सरप्लस स्टाफ के संदर्भ में प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।
जेई सब स्टेशन, जेई पावर हाउस सहित मिडल मैनेजमेंट में नियुक्त कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या कम करने का बिजली बोर्ड ने फैसला लिया है। इन्हें बोर्ड के अन्य कार्यों में नियुक्त किया जाएगा या अन्य विभागों में समायोजित किया जाएगा। हालांकि, इसका अभी फैसला नहीं हुआ है।
700 सरप्लस कर्मचारियों को इस माह जारी नहीं होगा वेतन
अभी बोर्ड प्रबंधन को एक माह के भीतर सरप्लस स्टाफ का ब्योरा एकत्र करने को कहा गया है। बोर्ड की समीक्षा बैठक में स्टाफ के युक्तिकरण के लिए उत्तराखंड के पैटर्न को अपनाने के आदेश दिए गए।
बताया गया कि उत्तराखंड में बिजली कंपनी का अधिक खर्च नहीं है, जबकि स्टाफ की संख्या और भौगोलिक स्थिति हिमाचल के समान है। बिजली बोर्ड में स्वीकृत पदों से अधिक नियुक्त करीब 700 अधिकारियों और कर्मचारियों को इस माह वेतन जारी नहीं होगा।
बोर्ड प्रबंधन ने सितंबर में इन सरप्लस कर्मियों को अपने डेपुटेशन रद्द करवाकर मूल नियुक्ति वाले दफ्तरों में जाने के आदेश दिए थे। ऐसा नहीं करने वालों का नवंबर महीने से वेतन रोकने का फैसला भी लिया था। अब इन कर्मचारियों और अधिकारियों को वेतन जारी नहीं होगा।