विधानसभा चुनाव: हिमाचल में 378 अति संवेदनशील और 902 संवेदनशील मतदान केंद्र
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि अति संवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों की श्रेणी में उनको रखा गया है जहां पहले 90 फीसदी से अधिक मतदान हुआ है या फिर किसी प्रत्याशी को 75 फीसदी वोट पड़े है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
निर्वाचन आयोग ने हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए कुल 378 अति संवेदनशील और 902 संवेदनशील मतदान केंद्र घोषित किए हैं। इन मतदान कें द्रों में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। किसी भी गड़बड़ी से बचने के लिए इन केंद्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। साथ ही चुनाव पर्यवेक्षकों, जिला चुनाव अधिकारी और पुलिस अधीक्षकों की पैनी नजर रहेगी। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि अति संवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों की श्रेणी में उनको रखा गया है जहां पहले 90 फीसदी से अधिक मतदान हुआ है या फिर किसी प्रत्याशी को 75 फीसदी वोट पड़े है। इन मतदान केंद्रों में चुनाव आयोग को गड़बड़ी की आशंका रहती है।
इसी तरह से जिन मतदान केंद्रों में डरा धमका कर वोट डलाने की आशंका रहती है, वहां भी विशेष चौकसी रखी जाएगी। प्रदेश में ऐसे मतदान केंद्रों की संख्या करीब 1,280 है। प्रदेश में कुल 7881 मतदान केंद्र हैं और इनमें इतनी ही संख्या में पोलिंग पार्टियों की तैनात कर दी है। प्रदेश के सिर्फ छोटा भंगाल क्षेत्र के मतदान केंद्रों के लिए चुनाव सामग्री और पोलिंग पार्टी हेलिकाप्टर से भेजी गई है। अन्य सभी क्षेत्रों में सड़क मार्ग से चुनाव सामग्री और पोलिंग पार्टी रवाना की गई है। शुक्रवार को बिलासपुर, ऊना और हमीरपुर के लिए पोलिंग पार्टियां और चुनाव सामग्री सहित रवाना की गई है।
चुनाव में गड़बड़ी के लिए टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत
शचुनाव में होने वाली किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर 1800-332-1950 टोल फ्री नंबर पर शिकायत कर सकते हैं। यह नंबर 24 घंटे काम करेगा। इसके अलावा जिलों के लिए 1950 टोल फ्री नंबर रहेगा। इससे पहले जिलों का एसटीडी कोड लगाना होगा।
हर मतदान केंद्र पर स्टैंड बाई रहेगी एक ईवीएम
हर मतदान केंद्र पर एक ईवीएम स्टैंड बाई रहेगी। अगर ईवीएम में कोई खराबी आती है तो उसे बदला जा सकेगा