हिमाचल: मनाली से 50 किमी कम होगी लेह की दूरी, बनेंगी तीन और सुरंगें
अटल टनल, जोजिला टनल और प्रस्तावित शिंकुला टनल के बाद अब मनाली-लेह सामरिक मार्ग पर तीन नई बड़ी सुरंगों के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है।
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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में चीन, पाकिस्तान से लगती सीमाओं पर सामरिक मजबूती बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार पश्चिमी हिमालय में सुरंगों का जाल बिछाने जा रही है। अटल टनल, जोजिला टनल और प्रस्तावित शिंकुला टनल के बाद अब मनाली-लेह सामरिक मार्ग पर तीन नई बड़ी सुरंगों के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मनाली-लेह सामरिक मार्ग वर्षभर यातायात के लिए खुला रहेगा, इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की आवाजाही और रसद आपूर्ति पहले से अधिक सुदृढ़ हो जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जोजिला टनल के ब्रेकथ्रू कार्यक्रम के दौरान मनाली-लेह मार्ग पर तीन नई रणनीतिक सुरंगों की योजना की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि हिमाचल के बारालाचा, लाचुलुंग ला और लद्दाख के तंगलंग ला दर्रों के नीचे आधुनिक सुरंगों का निर्माण किया जाएगा, जिससे लद्दाख को पूरे वर्ष देश के अन्य हिस्सों से निर्बाध सड़क संपर्क उपलब्ध हो सकेगा। जानकारी के मुताबिक बारालाचा दर्रा के नीचे करीब 13 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जाएगी। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट अक्तूबर 2026 तक तैयार किए जाने की संभावना है और अनुमानित लागत 8,800 करोड़ रुपये आंकी गई है। लाचुलुंग ला में लगभग 11 किलोमीटर लंबी सुरंग पर 4,500 करोड़ रुपये अनुमानित लागत, इसकी डीपीआर दिसंबर 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।
वहीं, तंगलंग ला के नीचे करीब पांच किलोमीटर लंबी सुरंग निर्माण की अनुमानित लागत 2,250 करोड़ रुपये बताई गई। इसकी डीपीआर मार्च 2027 तक तैयार होने की संभावना है। वर्तमान में मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारालाचा, लाचुलुंग ला और तंगलंग ला सबसे ऊंचे और बर्फबारी से प्रभावित दर्रों में शामिल हैं। सर्दियों में भारी हिमपात और हिमस्खलन के कारण इन क्षेत्रों में कई महीनों तक यातायात बाधित रहता है। बीआरओ के एक अधिकारी के मुताबिक इन सुरंगों के बनने के बाद मनाली से लेह की दूरी लगभग 50 किलोमीटर और कम हो जाएगी। वर्तमान में 10 से 12 घंटे में पूरा होने वाला सफर घटकर लगभग छह घंटे पूरा होगा। इससे न केवल सेना को रणनीतिक लाभ मिलेगा बल्कि स्थानीय निवासियों, पर्यटन उद्योग और माल परिवहन क्षेत्र को भी बड़ी राहत मिलेगी। इन सुरंगों को अटल टनल, जोजिला टनल और प्रस्तावित शिंकुला टनल के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रवि ठाकुर ने इस योजना को महत्वाकांक्षी बताया है।