विधानसभा में कटौती प्रस्ताव पर चर्चा: बलबीर बोले- मंत्री चौपाल में बजट देखते हैं तो दूसरे क्षेत्र को भेजते हैं
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पर लाए कटौती प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए चौपाल के भाजपा विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार ने ढाई साल में चौपाल के लिए कुछ नहीं किया।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पर लाए कटौती प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए चौपाल के भाजपा विधायक बलवीर सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार ने ढाई साल में चौपाल के लिए कुछ नहीं किया। मंत्री चौपाल में पैसा देखते हैं तो उसे दूसरे क्षेत्र के लिए ले जाते हैं। कम्युनिटी हेल्थ सेंटर छैला में बंद किया गया है। इसे भी अधिसूचित किया जाए। पिछली सरकार में चौपाल में 90 फीसदी डॉक्टर थे। अब वहां बहुत कम चिकित्सक रह गए हैं। चौपाल में चिकित्सकों के 40 पद खाली हैं। चौपाल क्षेत्र के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ वह हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। मंत्री सदन में आश्वासन दें कि चौपाल से एक भी पैसा शिफ्ट न हो।
1800 आउटसोर्स कर्मियों को दोबारा रखा जाए : विनोद
नाचन के भाजपा विधायक विनोद कुमार ने 1800 आउटसोर्स कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग से निकाला गया है, इन्हें दोबारा नौकरी पर रखा जाए। इन्होंने कोविडकाल में बेहतरीन सेवाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि गरीब आदमी को 108 एबुलेंस नहीं मिल रही है। कई बार गाड़ी खराब होती है तो कई बार टायर निकल जाता है। कई बार ईंधन नहीं होता है। खराब 108 एंबुलेंस के स्थान पर नई एंबुलेंस ली जानी चाहिए। हिमाचल प्रदेश में हर अस्पताल में आरकेएस के तहत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी रखे गए हैं। उनका पैसा बढ़ाया जाए।
स्वास्थ्य अधिकारियाें को लखनऊ भेजो, फिर करो व्यवस्था परिवर्तन : डॉ. जनक
भरमौर के भाजपा विधायक डॉ. जनकराज ने कहा कि अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड मशीनें न होने से बच्चे दिव्यांग पैदा हो रहे हैं। एक बार स्वास्थ्य अधिकारियों को एसजीपीआईएमएस लखनऊ भेजा जाए। वहां पर हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड हैं। उस मॉडल का अध्ययन करें। वहां पर विश्वस्तर की सुविधाएं हैं। तभी असली व्यवस्था परिवर्तन किया जा सकेगा। स्वास्थ्य के बारे में कभी भी राजनीतिक चश्मा लगाकर बात नहीं करूंगा। अगर ऐसा किया तो ध्येय में पवित्रता नहीं रहेगी। सीटी स्कैन, एमआरआई आदि लगाने की बात की है कि क्या यह सुनिश्चित किया है कि वहां रेडियेशन सेफ्टी भी है। जब भगवान राम लंका गए थे तो गिलहरी ने एक कंकड़ का योगदान दिया। मेरे इन सुझावों को भी इतना सा योगदान समझा जाए। हिमोफीलिया को लेकर भी कहा था कि प्रदेश में डेढ़ से दो सौ बच्चे हिमोफीलिया के हैं। चोट लगती है लाहौल स्पीति में तो इंजेक्शन लगाने शिमला आना पड़ता है, तब तक घुटना सूज जाता है, क्यों सरकार स्थानीय स्तर पर व्यवस्था नहीं कर पा रही है। आत्मनिर्भर हिमाचल प्रदेश हो न हो, मगर हिमाचलियों को अपने हाल पर छोड़कर जरूरत आत्मनिर्भर बना दिया है।
सरकाघाट में सैनिक व पूर्व सैनिक बहुत से रहते हैं, वहां स्वास्थ्य सुविधाएं दें : दलीप ठाकुर
सरकाघाट के भाजपा विधायक दलीप ठाकुर ने कहा कि सरकाघाट की तरफ ध्यान दें। वहां पर सैनिक व पूर्व सैनिक लोग बहुत से रहते हैं। उन्हें दूरदराज क्षेत्र में जाना पड़ता है। सरकार को सत्ता में आए ढाई साल हो गए हैं और वहां पर एक भी चिकित्सक नहीं भेजा गया है। सरकाघाट के लिए ट्रॉमा सेंटर की मांग को भी ध्यान में रखा जाए। बलद्वाड़ा में डॉक्टरों का बहुत अभाव है। वहां पर 80 हजार की जनसंख्या है। वहां मशीन लगाई जाए। लोग सिरदर्द की दवा मानते हैं, आप पेट दर्द की दवा दे रहे हैं। वहां पर अल्ट्रा साउंड की मशीन लगाई जाए। अन्य उपकरणों को भी लाया जाए। पीएचसी के भवनों को बनाया जाए। डॉक्टराें के बैठने की सुविधा नहीं है। सहारा हो या आयुष्मान या हिमकेयर योजना हो, इसमें राजनीति की बात नहीं की जानी चाहिए।