{"_id":"64e3a085440316d8eb0c6464","slug":"himachal-disaster-pmo-to-conduct-joint-inspection-of-nh-authority-bro-and-pwd-2023-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal Disaster: एनएच प्राधिकरण, बीआरओ और पीडब्ल्यूडी का संयुक्त निरीक्षण करवाएगा पीएमओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal Disaster: एनएच प्राधिकरण, बीआरओ और पीडब्ल्यूडी का संयुक्त निरीक्षण करवाएगा पीएमओ
Mon, 21 Aug 2023 11:38 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 21 Aug 2023 11:38 PM IST
सार
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने प्रधानमंत्री कार्यालय को हिमाचल प्रदेश में हाल ही में भारी बारिश, भूस्खलन से प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को हुए नुकसान और अद्यतन स्थिति से अवगत करवाया।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री के सलाहकार तरूण कपूर
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार तरूण कपूर की अध्यक्षता में सोमवार को वर्चुअल बैठक हुई। इसमें मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने प्रधानमंत्री कार्यालय को हिमाचल प्रदेश में हाल ही में भारी बारिश, भूस्खलन से प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को हुए नुकसान और अद्यतन स्थिति से अवगत करवाया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने प्रधानमंत्री कार्यालय को अवगत करवाते हुए कहा कि किरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंडोह के समीप कैंचीमोड़ पर यातायात पूरी तरह से बंद है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रदेश में बहुमूल्य जीवन सहित सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को हुई भारी क्षति से भी अवगत करवाया गया। कपूर ने आश्वस्त किया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, सीमा सड़क संगठन और राज्य लोक निर्माण विभाग की ओर से शीघ्र ही राष्ट्रीय राजमार्ग के पंडोह से कैंचीमोड़ भाग का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। प्रबोध सक्सेना ने कहा कि मंडी और कुल्लू जिला प्रशासन को सेब सीजन के दृष्टिगत वैकल्पिक मार्गों के सुदृढ़ीकरण के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
कुल्लू से मनाली के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए एक यातायात योजना तैयार की गई है और सायं 8 बजे से सुबह 5 बजे तक की अवधि मरम्मत और रख-रखाव कार्य के लिए निर्धारित की गई है। केंद्र की ओर से जिला प्रशासन को निर्माण संबंधी अवधि को बढ़ाने के विकल्प पर विचार करने का सुझाव दिया, जिससे बहाली कार्य को गति प्रदान की जा सके। उधर, मुख्य सचिव ने प्रदेश में हुए नुकसान पर कैबिनेट सचिव से भी चर्चा की।
विज्ञापन