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Himachal News: दो साल का ड्राइंग मास्टर डिप्लोमा करने वालों को सीबीएसई स्कूलों में मौका देने की मांग

Wed, 21 Jan 2026 08:10 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 21 Jan 2026 08:10 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश बेरोजगार कला अध्यापक संगठन ने मांग की कि ड्राइंग मास्टर डिप्लोमा करने वाले अभ्यर्थियों को सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाने का अवसर दिया जाए। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal Demand raised to give opportunities to those with a two-year drawing master diploma in CBSE schools
हिमाचल प्रदेश बेरोजगार कला अध्यापक संगठन - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार कला अध्यापक (ड्राइंग मास्टर) मौजूदा सरकार की नीतियों से खासे नाराज हैं। हिमाचल प्रदेश बेरोजगार कला अध्यापक संगठन ने सरकार पर लगातार अनदेखी का आरोप लगाते हुए दो साल का ड्राइंग मास्टर डिप्लोमा करने वाले अभ्यर्थियों को सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाने का अवसर देने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि सरकारी स्कूलों में कला शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर किए गए वादे अब तक धरातल पर नहीं उतर पाए हैं।
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संगठन के अध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा कि बीते तीन वर्षों से वे मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक सहित प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों से लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं सरकारी मिडिल स्कूलों में 100 विद्यार्थियों की शर्त समाप्त करने की घोषणा की थी, लेकिन यह आज भी लागू है।

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बलवंत सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्तर पर निर्देश दिए जाने के बावजूद अधिकारी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। संगठन के सचिव विजय चौहान और कोषाध्यक्ष शक्ति प्रसाद ने बताया कि हाल ही में शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव से मुलाकात के दौरान आश्वासन दिया गया था कि मिडिल स्कूलों में 100 विद्यार्थियों की शर्त हटाने का मामला कैबिनेट में ले जाया जाएगा, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई।

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संगठन ने चिंता जताई कि एक ओर सीबीएसई स्कूलों के मर्ज होने और नई व्यवस्था के चलते फाइन आर्ट्स के पद सीमित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों से बेरोजगारी झेल रहे ड्राइंग मास्टर उम्र की सीमा पार करते जा रहे हैं। संगठन का कहना है कि दो वर्षीय ड्राइंग मास्टर डिप्लोमा धारकों को भी सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि उनके रोजगार के रास्ते खुल सकें। उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर ने मांग करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही कला विषय को अनिवार्य किया जाए, जैसा कि केंद्र सरकार के अधीन स्कूलों में लागू है।

उन्होंने कहा कि कलाध्यापक प्राथमिक स्तर पर अन्य विषय पढ़ाने में भी सक्षम हैं और इसके लिए सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बेरोजगार कलाध्यापकों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। संगठन का दावा है कि प्रदेश में लगभग 18 हजार बेरोजगार कला अध्यापक हैं, जो पूर्व में सरकार का समर्थन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को पत्र भेजकर चुनाव के दौरान किए गए वादों की याद दिलाई जाएगी।

अनुबंध कर्मियों को साल में दो बार नियमित करने की मांग
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में अनुबंध तथा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर महासंघ प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने अनुबंध तथा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के वर्ष में एक बार नियमित करने के कारण कर्मचारियों को होने वाले नुकसान के बारे में अवगत करवाया।

प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से अनुबंध एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के समयबद्ध नियमितीकरण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि वर्ष में दो बार मार्च एवं सितंबर में नियमितीकरण की पूर्व व्यवस्था को दोबारा लागू किया जाए। दो दिसंबर 2023 के बाद वर्ष 2024 एवं 2025 में नियमित होने वाले पात्र कर्मचारियों को भी इस प्रक्रिया में सम्मिलित करने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के हितों से जुड़े विषयों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित कार्रवाई करते हुए सितंबर में कार्यकाल पूरा करने वाले अनुबंध एवं दैनिक भोगी कर्मचारियों को सितंबर में ही नियमित करने का आश्वासन दिया।

इस मौके पर महासचिव अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ भरत शर्मा, सचिव विजय ठाकुर सबनेश कुमार, स्वास्थ्य विभाग से नीलम, जनेश, राहत, एचआरटीसी से कार्तिक, अक्षय, नीतीश कुमार, आशीष, पशु पालन विभाग से रमेश, नितिन, दिनेश, पंकज, मनीष, जल शक्ति विभाग से शंकर, शिक्षा विभाग से प्रदीप, मयंक, बिजली बोर्ड से दिनेश, निखिल, रजत, कृषि विभाग से नवीन, रमन भी मौजूद रहे।
 
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