हिमाचल में 64 और कोरोना संक्रमितों की मौत, 4762 नए मामले, जानें सक्रिय केस
प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 145736 पहुंच गया है। इनमें से अब तक 104686 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। सक्रिय कोरोना मामले अब 38954 हो गए हैं और 2055 संक्रमितों की मौत हुई है।
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में बुधवार को 64 और कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गई है। कांगड़ा जिले में 15, हमीरपुर 12, सोलन नौ, शिमला आठ, सिरमौर छह, ऊना पांच, मंडी छह, कुल्लू, चंबा और बिलासपुर में एक-एक संक्रमित ने दम तोड़ दिया। उधर, प्रदेश में 4762 लोगों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें से कांगड़ा जिले में 1430, मंडी 577, सिरमौर 519, सोलन 510, बिलासपुर 349, चंबा 309, ऊना 330, हमीरपुर 314 , शिमला 265, कुल्लू 103, किन्नौर 31 और लाहौल-स्पीति में 25 नए मामले आए हैं।
कहां कितने सक्रिय केस
इसके साथ ही प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 145736 पहुंच गया है। इनमें से अब तक 104686 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। सक्रिय कोरोना मामले अब 38954 हो गए हैं और 2055 संक्रमितों की मौत हुई है। बिलासपुर में कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या 2865, चंबा 1945, हमीरपुर 3041, कांगड़ा 11893 , किन्नौर 445, कुल्लू 986, लाहौल-स्पीति 304, मंडी 4692, शिमला 3397, सिरमौर 2999, सोलन 3950 और ऊना जिले में 2437 पहुंच गई है। बीते 24 घंटों में 2187 संक्रमित ठीक हुए हैं। इस दौरान कोरोना की जांच के लिए 16859 लोगों के सैंपल लिए गए।
हिमाचल आने के लिए अनिवार्य नहीं आरटीपीसीआर रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में आने वाले बाहरी राज्यों के लोगों के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, जो व्यक्ति आरटीपीसीआर रिपोर्ट लेकर नहीं आता है, उसे 14 दिन तक होम क्वारंटीन रहना होगा। पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि अब एक से दूसरे राज्य में जाने के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। देश की प्रयोगशालाओं पर बढ़ते बोझ के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। इस पर मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि हिमाचल में यह रिपोर्ट लाना अनिवार्य पहले से ही नहीं है। हालांकि यह निर्देश पूर्ववत जारी हैं कि जिनके पास यह रिपोर्ट नहीं होगी, वे 14 दिन होम क्वारंटीन रहेंगे।
नर्सें, चिकित्सा से जुड़े लोग बखूबी निभा रहे अपना दायित्व : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत सभी नर्सों को बधाई दी। कहा कि चिकित्सा सबसे पावन व्यवसाय है, जो पीड़ित मानवता की सेवा का बेहतर अवसर देता है। उन्होंने लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए चिकित्सकों के साथ नर्सों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। सीएम ने कहा कि वर्तमान समय में कोरोना के कारण चिकित्सा व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक ऐसे दौर से गुजरना पड़ा है, जिसके कारण उन पर अपना ख्याल रखने के साथ आम लोगों की चिकित्सा आवश्यकताओं को भी पूरा करने का दायित्व है।
कोविड से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह सजग: सैजल
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह सजग है। किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। कोरोना मामलों में बढ़ोतरी के बाद राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में ऑक्सीजन सहित बेड की क्षमता बढ़ाई जा रही है। कांगड़ा जिले में बुधवार से 150 अतिरिक्त बेड उपलब्ध करवाए गए हैं। भविष्य में चरणबद्ध तरीके से बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
मंत्री ने बुधवार को धर्मशाला के परिधि गृह में जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कोविड-19 से निपटने की तैयारियों पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में ऑक्सीजन सहित बेड की संख्या 127 से बढ़ाकर 152 कर की गई है। आयुर्वेदिक कॉलेज पपरोला में 50 से बढ़ाकर 100 बेड की व्यवस्था की गई है। नूरपुर अस्पताल में 50 बेड की व्यवस्था की जाएगी।
कहा कि कांगड़ा तथा चंबा के सीमांत क्षेत्रों के कोविड रोगियों के लिए पठानकोट में एक अस्पताल को चिह्नित किया गया है। इसमें शीघ्र कोविड रोगियों के लिए का उपचार शुरू किया जाएगा। राधा स्वामी सत्संग परौर में भी मेकशिफ्ट अस्पताल की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रारंभिक तौर पर 250 बेड क्षमता के साथ कोविड रोगियों का उपचार किया जाएगा।कहा कि पूरे प्रदेश में वैक्सीनेशन चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि कोविड रोगियों की उचित देखभाल की जाए। मंत्री ने कहा कि कोविड जैसे लक्षण होने पर लोगों को तुरंत टेस्ट करवाने के लिए प्रेरित किया जाए।
प्रदेश के लिए 13 और पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र स्वीकृत
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा कि कोरोना संकट के समय प्रदेश सरकार की ओर से जनता को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। मेकशिफ्ट अस्पतालों का निर्माण किया जा रहा है और हाल ही में शिमला, चंबा और हमीरपुर में ऑक्सीजन संयंत्रों का लोकार्पण किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल शिमला, मेडिकल कॉलेज चंबा, शिमला, टांडा, नेरचौक, हमीरपुर और एमएमयू कुमारहट्टी में ऑक्सीजन संयंत्र क्रियाशील हैं।
गर्ग ने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए 13 और पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र स्वीकृत किए हैं, जो पालमपुर, मंडी, घुमारवीं, हमीरपुर, रिकांगपिओ, रती, रामपुर, सराहन कुल्लू, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल शिमला, आईजीएमसी शिमला, धर्मशाला और नेरचौक में स्थापित किए जाएंगे।