कोरोना: हिमाचल में 93 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव, सक्रिय मामले 1498
प्रदेश में कोरोना मृतकों का आंकड़ा 3751 पहुंच गया है। प्रदेश में अब तक कोरोना के 224716 मामले आ चुके हैं। इनमें से 219450 ठीक हो चुके हैं। बीते 24 घंटों के दौरान 245 मरीज ठीक हुए हैं और कोरोना की जांच के लिए 3284 लोगों के सैंपल लिए गए।
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हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को 93 और लोगों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हालांकि राहत की बात ये है कि किसी संक्रमित की मौत नहीं हुई है। प्रदेश में कोरोना मृतकों का आंकड़ा 3751 पहुंच गया है। प्रदेश में अब तक कोरोना के 224716 मामले आ चुके हैं। इनमें से 219450 ठीक हो चुके हैं। कोरोना सक्रिय मामले 1498 रह गए हैं। इसमें से बिलासपुर जिले में 138, चंबा 22, हमीरपुर 271, कांगड़ा 581, किन्नौर आठ, कुल्लू 33, लाहौल-स्पीति एक, मंडी 131, शिमला 97, सिरमौर दो, सोलन 25 और ऊना में 189 सक्रिय मामले हैं। बीते 24 घंटों के दौरान 245 मरीज ठीक हुए हैं और कोरोना की जांच के लिए 3284 लोगों के सैंपल लिए गए।
कोरोना के चलते इस बार भी सूक्ष्म स्तर पर होगा लवी मेला
उधर, कोरोना के कारण लवी मेला इस बार सूक्ष्म तरीके से होगा। मेले में केवल किन्नौर और बुशहर के लोकल उत्पादों की बिक्री हो पाएगी। मेले में इस बार भी केवल औपचारिकताएं ही पूरी की जाएंगी। 11 से 14 नवंबर तक चलने वाले मेले में किन्नौरी और बुशहरी उत्पाद की ही मार्केट सजेगी। बाहरी राज्यों से कारोबारी मेला स्थल पर नहीं आ सकेंगे। जल्द ही एसडीएम रामपुर की अध्यक्षता में बैठक होगी। हालांकि इस बार भी मेले के शुभारंभ और समापन को लेकर कोई कार्यक्रम नहीं रहेगा। बीते वर्ष भी कम समय की मंजूरी मिलने के कारण अधिकतर व्यापारियों ने मेले में आने से मनाही कर दी थी। एसडीएम रामपुर यादविंद्र पॉल ने कहा कि इस वर्ष भी लवी मेला सूक्ष्म स्तर पर होगा। मेले को लेकर जल्द ही बैठक की जाएगी।
हर साल मेले में होता है करोड़ों का कारोबार
सैकड़ों वर्षों का इतिहास समेटे रामपुर के अंतरराष्ट्रीय लवी में हर वर्ष करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। इस मेले में प्रदेश के साथ साथ बाहरी राज्यों से भी व्यापारी पहुंचते हैं। हिमाचल के पहाड़ी जिलों किन्नौर, शिमला, मंडी और कुल्लू जिले के हजारों लोग इस मेले से गर्म और ऊनी उत्पाद की खरीदारी करते हैं, ताकि सर्दियों का मौसम आसानी से गुजारा जा सके। कोरोना संक्रमण के अस्तित्व में आने के बाद इस अंतर्राष्ट्रीय मेले पर ग्रहण लग गया है और करोड़ों का कारोबार नहीं हो पा रहा।