कांग्रेस बेहाल, खाली हो गया खजाना, दफ्तर चलाने तक के पैसे नहीं
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हिमाचल में सत्ता में अपनी सरकार होने के बावजूद कांग्रेस पार्टी का खजाना खाली हो गया है। पार्टी के लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का महीने भर का खर्चा निकालना तक मुश्किल हो गया है। कांग्रेस पार्टी के इतने बुरे हाल तो तब भी नहीं थे, जब ये विपक्ष में थी।
वजह ये बता रहे हैं कि मंत्रियों, विधायकों और सत्ता सुख भोग रहे अन्य नेताओं की ओर से माकूल पार्टी फंड नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी को लीज मनी और अन्य टैक्स तो ब्याज समेत नगर निगम शिमला को ही देना है। ये करीब 18 लाख रुपये बकाया है।
अन्य देनदारियां अलग हैं। ऐसे हालत में खर्चा जुटाने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राजीव भवन शिमला के निचले फ्लोर, जिला कार्यालयों, ब्लॉक कार्यालयों आदि के खाली हिस्सों को लीज पर देने का फैसला लिया है।
कंगाली से निपटने के लिए बनाई कमेटी
कंगाली की स्थिति में पहुंच चुकी पार्टी ने अपनी संपत्तियों को लीज पर देने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी के प्रमुख प्रदेश कांग्रेस महासचिव हरभजन भज्जी जबकि सदस्य महासचिव हर्षवर्द्धन चौहान और कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चौहान बनाए गए हैं।
यह कमेटी राजीव भवन शिमला के अलावा सोलन, बिलासपुर, नाहन आदि में पार्टी कार्यालयों के खाली हिस्सों को लीज पर देने की प्रक्रिया को अंजाम देगी। राजीव भवन शिमला की निचली मंजिल को लीज पर देने की तैयारी चल रही है। एक तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी पर पहले से खूब देनदारियां हैं।
ऊपर से चार से पांच लाख रुपये प्रदेश कार्यालय को चलाने का खर्च आ रहा है। इस कार्यालय में कर्मचारियों की तनख्वाह देने से लेकर बिजली, पानी के बिलों का खर्चा जुटाना तक मुश्किल हो गया है। हाल ही में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और हिमाचल प्रभारी अंबिका सोनी की अध्यक्षता में हुई आम सभा में भी ये मामला उठाया जा चुका है, मगर पार्टी संगठन का कोषागार जस का तस है।
फंड कलेक्ट करे कांग्रेस’
‘ऐसे में पार्टी की संपत्तियों को लीज पर देकर ही आमदनी बढ़ाने का यह नया उपाय तलाशा गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पुष्टि की है कि पार्टी की आमदनी बढ़ाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। ये कमेटी प्रदेश भर में पार्टी की संपत्तियों को लीज पर दिलाने के लिए अधिकृत की गई है। पार्टी की गतिविधियों के खर्चे पूरे करने के लिए यह जरूरी हो गया है।
‘फंड कलेक्ट करे कांग्रेस’
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि हम तो समय-समय पर पार्टी को तय फंड दे ही रहे हैं और जो लोग इसे नहीं दे रहे हैं, उनसे इसे कलेक्ट किया जाना चाहिए। वहीं, विधायक एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं कांग्रेस विधायक संजय रतन ने कहा कि यह पार्टी से संबंधित मामला है। इस बारे में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ही कोई निर्णय ले सकती है। वे इससे अधिक कुछ नहीं कहना चाहेंगे।