हिमाचल में सीएम के नाम की घोषणा होते ही यहां छा गई मायूसी
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हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा होते ही यहां पर मायूसी छा गई है। लोगों को काफी उम्मीदें थीं। बिलासपुर की जनता को मायूसी हाथ लगी है। बिलासपुर के हाथ से सीएम का पद छिन गया है।
जयराम ठाकुर के सीएम बनने की घोषणा के बाद बिलासपुर के लोग मायूस हो गए हैं। जबकि लोगों को आस थी कि इस बार सीएम जेपी नड्डा ही बनेंगे। बिलासपुर में हुई पीएम मोदी की रैली में भी प्रधानमंत्री ने जेपी नड्डा को सीएम की दौड़ में सबसे आगे खड़ा कर गए थे।
यहां पर उन्होंने नड्डा की तारीफों के पुल बांध दिए थे। जबकि रैली में मौजूद धूमल का उन्होंने कहीं जिक्र तक नहीं किया था। पीएम की बिलासपुर रैली से स्पष्ट हो गया था कि सीएम नड्डा ही बनेंगे।
लेकिन शिमला में हुई विधायक दल की बैठक में जयराम ठाकुर के नाम पर ही सहमति बनी। सीएम पद के निर्णय को लेकर बिलासपुर से भी काफी संख्या में लोग रविवार को शिमला के लिए रवाना हो गए थे।
नड्डा के सीएम बनने के इंतजार में थे लोग
लोग वहां नड्डा के सीएम बनने की घोषणा सुनना चाहते थे। लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि जयराम के सीएम बनने की घोषणा हो गई है, तो मायूस होकर लौट आए, जबकि कई बीच रास्ते से ही लौट आए।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर के एक विधायक ने तो नड्डा के सीएम बनने के बाद अपनी सीट छोड़ने का भी एलान कर दिया था। विधायक ने कहा था कि जैसे ही नड्डा के सीएम पद की घोषणा होगी वह उसी समय अपनी सीट छोड़ने का भी एलान कर देंगे।
इस बारे में कांग्रेस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान का कहना है कि बिलासपुर को एक बार फिर मौका मिला था कि उनका नेता सीएम बने। लेकिन एक बार फिर से बिलासपुर के हितों के साथ खिलवाड़ हुआ है।