फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal Cloudburst Search operation continues in Samej village for the fourth day

Himachal Cloudburst: समेज गांव में चौथे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी, लाइव डिटेक्टर डिवाइस की ली जा रही मदद

Sun, 04 Aug 2024 01:13 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 04 Aug 2024 01:13 PM IST
सार

समेज गांव में बादल फटने के बाद 36 लोग लापता हैं। लापता लोगों को ढूंढने के लिए रविवार की सुबह चौथे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी है।

विज्ञापन
Himachal Cloudburst Search operation continues in Samej village for the fourth day
समेज गांव में रविवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के शिमला और कुल्लू की सीमा पर समेज गांव में बादल फटने के बाद 36 लोग लापता हैं। लापता लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। समेज में चौथे दिन लापता लोगों की तलाश में रेस्क्यू दल के जवान जुटे हुए हैं। बता दें कि लापता लोगों को ढूंढने के लिए रविवार (4 अगस्त) की सुबह चौथे दिन भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। समेज गांव में आई बाढ़ ने पूरे गांव को तबाह कर दिया है।

विज्ञापन

 

#WATCH | Himachal Pradesh | Indian Army continues its effort in rescue and restoration in the areas affected by the cloudburst that occurred on August 1 in Rampur's Samej.


The Army establishes temporary bridges to establish connectivity between areas cut off, to facilitate… pic.twitter.com/4mbDvQvIgQ

— ANI (@ANI) August 4, 2024 " />

मौके पर छह पोकलेन मशीनें, लाइव डिटेक्टर डिवाइस और स्निफर डॉग के साथ करीब 300 जवान लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। मौके पर एसडीएम रामपुर निशांत तोमर तैनात हुए हैं। गौर हो कि बुधवार देर रात को श्रीखंड में बादल फटने के कारण आई बाढ़ से समेज कस्बे में भारी तबाही मच गई थी। बाढ़ की चपेट में आने से करीब 27 मकान बह गए थे। इस आपदा में चार प्रवासी मजदूर, ग्रीनको समेज परियोजना के सात कर्मचारी, 22 स्थानीय लोगों सहित 36 लोग लापता हो गए हैं। अब जिला प्रशासन ने मलबा हटाने के लिए अतिरिक्त छह मशीनें मंगवाई हैं, जो रविवार को भी आपदा स्थल पर लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। परिजन भी तलाशी अभियान में जुटे हैं। बादल फटने से आए पानी और मलबे के कारण लापता लोगों को तलाश करना मुश्किल बना हुआ है।

एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि लापता हुए लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। आज रविवार को सात मशीनें तैनात कर मलबे में लापता लोगों की तलाश की जा रही है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि जब तक सर्च अभियान चलेगा, लाइव डिटेक्टर डिवाइस का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही स्निफर डॉग की सहायता भी ली जा रही है। वहीं, रामपुर कोषाधिकारी कार्यालय भी रात 12 बजे तक खुला रहेगा।

क्या है लाइव डिटेक्टर डिवाइस
लाइव डिटेक्टर डिवाइस एक जीवन पहचान उपकरण है, जिसका उपयोग आपदाओं के बाद बचाव कार्यों के दौरान किया जाता है। वायरलेस या वायर्ड भूकंपीय सेंसर मलबे के नीचे जीवन के संकेतों का पता लगाते हैं और फिर पीड़ितों का सटीक तरीके से पता लग जाता है। यह जलरोधी संचार जांच प्रणाली है, जो 26 फीट केबल से लैस है। हल्का और कॉम्पैक्ट लीडर सर्च कंट्रोल बॉक्स डेढ़ घंटे की लाइफ वाली रिचार्जेबल बैटरी द्वारा संचालित होता है। एनडीआरएफ की टीम ने अस्थायी पुल का निर्माण कर सर्च ऑपरेशन खड्ड के दूसरी ओर भी शुरू कर दिया है। पानी का बहाव तेज होने से दो दिन से अस्थायी पुल निर्माण करने में दिक्कत पेश आ रही थी। टीम ने शनिवार सुबह से लेकर शाम तक खड्ड के दूसरे किनारे सर्च अभियान चलाया, लेकिन लापता लोगों के बारे सूचना पता नहीं चल पाई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed