HP CABINET MEETING: खुल सकता है नौकरियों का पिटारा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल कैबिनेट की बैठक राज्य सचिवालय शिमला में रखी गई है। बुधवार दो बजे होने वाली बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लग सकती है। बैठक में विभिन्न विभागों में रिक्तियां भरने के लिए निर्णय हो सकते हैं।
ऐसे में कई विभागों में नौकरियों के पिटारे खुल सकते हैं। बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की बजट घोषणाओं को धरातल पर लागू करने के लिए भी मंथन हो सकता है।
शिमला में पेयजल संकट पर भी इस बैठक में चर्चा संभव है। इसमें शहर में पेयजल समस्या को जड़ से खत्म करने पर चर्चा की जा सकती है। इसी में कोलडैम प्रोजेक्ट को समयबद्ध तैयार करने के लिए
विश्व बैंक से बातचीत करने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा मंत्रिमंडल की इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, आबकारी एवं कराधान, राजस्व आदि विभागों से संबंधित निर्णय भी हो सकते हैं।
कॉलेजों की परीक्षा प्रणाली पर फैसले की उम्मीद
प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम खत्म कर वार्षिक परीक्षा प्रणाली पर लौटने का सरकार बुधवार को फैसला ले सकती है। कैबिनेट बैठक में रूसा कमेटी की सिफारिशों को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
15 जून से कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होनी है। फिलहाल कॉलेजों को प्रोस्पेक्टस छापने से रोका गया है। ऐसे में संभावित है कि बुधवार की बैठक में सरकार इस मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट कर सकती है।
भाजपा के दृष्टि पत्र में की गई घोषणा को पूरा करते हुए बीते दिनों सरकार ने रूसा कमेटी गठित की थी। कमेटी अपनी रिपोर्ट शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को सौंप चुकी है। रिपोर्ट में इसी शैक्षणिक सत्र से सेमेस्टर सिस्टम समाप्त कर वार्षिक परीक्षा प्रणाली पर लौटने की सिफारिश की गई है।
इसी रिपोर्ट में प्रदेश विश्वविद्यालय की आपत्तियां भी दर्ज है। विश्वविद्यालय प्रशासन इस साल से परीक्षा प्रणाली में बदलाव करने के हक में नहीं है। परीक्षा प्रणाली बदलने पर सिलेबस में भी बदलाव करना जरूरी है।
अभी सिलेबस में बदलाव करना आसान नहीं है। ऐसे में विवि प्रशासन ने एक साल तक सेमेस्टर सिस्टम को समाप्त नहीं करने की बात रिपोर्ट में कही है। उधर, अगर सीबीसीएस के तहत अगर हिमाचल कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम को समाप्त करता है तो केंद्र से मिलने वाली रूसा ग्रांट भी प्रभावित हो
सकती है। इस सभी बातों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल सरकार कोई फैसला नहीं ले पा रही है। संभावित है कि बुधवार की कैबिनेट बैठक में इन सभी मुद्दों को लेकर चर्चा होगी।