एक क्लिक में पढ़िए कैबिनेट के ये बड़े फैसले
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में 300 से ज्यादा पद भरने को मंजूरी दी है। यह फैसला मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। आरकेएस के तहत अनुबंध पर नर्सों के 200 पद भरे जाएंगे।
वहीं अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड से अनुबंध पर 112 बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पद भरेंगे। इसके साथ ही सरकार ने अनुबंध आधार पर सीधी भर्ती से डेजिग्नेटिड अधिकारियों के पांच पदों को भरने का फैसला भी लिया है।
पांचवें वित्त आयोग के गठन को मंजूरी दी
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने डेढ़ वर्ष की अवधि के लिए पांचवें राज्य वित्तायोग के गठन को स्वीकृति प्रदान की है। यह प्रथम अप्रैल, 2017 से पांच वर्ष की अवधि के लिए अपनी रिपोर्ट 30 अप्रैल, 2016 तक उपलब्ध करवाएगा। आयोग में एक अध्यक्ष तथा दो अन्य सदस्य होंगे। आयोग का कार्य और संविधान चौथे राज्य वित्तायोग के समान होगा।
आठ मंदिरों को मणिमहेश न्यास जोड़ेंगे
मंत्रिमंडल ने भरमौर क्षेत्र के आठ मंदिरों को मणिमहेश न्यास के साथ जोड़ने को भी सहमति प्रदान की है। इन मंदिरों में हर-हर महादेव, गणपति मंदिर, धर्मेश्वर मंदिर, लखना माता मंदिर, नारसिंह महाराज मंदिर, ब्राह्मणी माता मंदिर, मलकौता, महाकाली मंदिर बणी और मणिमहेश स्थित शिव मंदिर शामिल हैं।
ईएसआई के पास रहेगा मंडी मेडिकल कॉलेज
प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मंडी मेडिकल कॉलेज के बारे में विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में इस कालेज को ईएसआई के पास ही रखे जाने का निर्णय लिया गया। सरकार इस कालेज को अपने अधीन लेने पर विचार कर रही थी, इस भवन पर एम्स की तर्ज पर मेडिकल कालेज खोलने की चर्चा थी।
तबादला होने पर नहीं छोड़ना पड़ेगा सरकारी आवास
प्रदेश सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए नया फार्मूला निकाला है। अब तबादला होने पर उनको सरकारी आवास नहीं छोड़ना पड़ेगा।
ये कर्मचारी भले ही जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं देंगे, लेकिन शहर में अलॉट हुए आवास उनके नाम पर ही रहेगा। इस आवास में कर्मचारी अपने परिवार को रख सकता है। इन आवास का किराया भी सामान्य होगा। इससे पहले अगर किसी कर्मचारी व अधिकारी का तबादला हो जाता है तो उसे सरकारी आवास छोड़ना पड़ता था, ऐसा न करने पर कर्मचारी से चार गुणा किराये की वसूली की जाती थी।
अकसर परिवार के चक्कर में कर्मचारी और अधिकारी जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं देने को तैयार नहीं होते थे। तबादला होने पर कर्मचारी जुगाड़ लगाकर शहर छोड़ने को तैयार नहीं होते। इसके चलते सरकार ने इसका विकल्प निकाला है। मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में आवास आवंटन नियम, 1994 में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सामान्य रेंट की अदायगी पर कर्मचारी और अधिकारी मूल उद्देश्य के लिए अपने पास रख सकेंगे।