हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला, भंग होगा प्रशासनिक ट्रिब्यूनल
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हिमाचल कैबिनेट ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भंग करने का बहुप्रतीक्षित फैसला लिया है। बैठक में लंबी चर्चा के बाद इस पर निर्णय हुआ है। इसके साथ ही अब सरकारी कर्मचारियों के हजारों मामले भी हाईकोर्ट के लिए शिफ्ट हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ट्रिब्यूनल भंग करने का एजेंडा शाम को रखा गया। इससे पूर्व धूमल सरकार के कार्यकाल में जुलाई 2008 में भी ट्रिब्यूनल भंग किया गया था।
उस वक्त भी सारे मामले हाईकोर्ट को शिफ्ट किए थे। इसके बाद फरवरी 2015 में इसे तत्कालीन वीरभद्र सरकार ने इसे फिर बहाल किया। इसके अलावा कैबिनेट ने वन रक्षकों समेत विभिन्न श्रेणी के 250 से अधिक पद भरने का भी निर्णय लिया है।
सड़क सुरक्षा के लिए रोड सेफ्टी सेल स्थापित होगा
कैबिनेट ने हिमाचल में सड़क हादसों पर रोकथाम के लिए भी रोड सेफ्टी सेल के गठन का फैसला लिया है। मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि राज्य में सड़क सुरक्षा नियमों को लागू करने के लिए परिवहन निदेशालय में निदेशक अथवा आयुक्त परिवहन की अध्यक्षता में लीड एजेंसी अथवा रोड सेफ्टी सेल स्थापित होगा। यह सेल राज्य में सड़क सुरक्षा गतिविधियों की निगरानी करेगा।
इसमें पुलिस, लोक निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों के विशेषज्ञों के अलावा अन्य सहायक स्टाफ तैनात होगा। महीने कुल्लू जिला के बंजार में हुए बस हादसे में 46 लोगों की मौत और तीन दिन पूर्व शिमला के झंझीड़ी में स्कूल बस दुर्घटना में दो स्कूली छात्राओं सहित बस चालक की मौत पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गईं।