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हिमाचल विधानसभा सत्र: सदन में देरी से पहुंचे मंत्री को विपक्ष ने नहीं बोलने दिया
Fri, 25 Feb 2022 10:53 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 25 Feb 2022 10:53 PM IST
सार
भोजन काल के बाद सदन में देरी से पहुंचे वन मंत्री राकेश पठानिया को विपक्ष ने बोलने नहीं दिया। नियम का हवाला देकर उन्हें सीट पर बैठने पर विवश कर दिया। सभापति को हस्तक्षेप करते हुए वन मंत्री को बोलने से रोकना पड़ा।
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हिमाचल विधानसभा शिमला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को भोजनकाल के बाद भी सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक होती रही। भोजन काल के बाद सदन में देरी से पहुंचे वन मंत्री राकेश पठानिया को विपक्ष ने बोलने नहीं दिया। नियम का हवाला देकर उन्हें सीट पर बैठने पर विवश कर दिया। सभापति को हस्तक्षेप करते हुए वन मंत्री को बोलने से रोकना पड़ा।
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भोजन अवकाश के बाद सभापति ने कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन चौहान को चर्चा में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया। हर्षवर्धन बोलकर सीट पर बैठे तो वन मंत्री बोले कि अभी मेरी बात पूरी नहीं हुई है। मुझे बोलने का मौका दिया जाए। इसके बाद विपक्ष ने विरोध शुरू कर दिया। कहा कि मंत्री सदन से गैर हाजिर थे।
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दूसरे सदस्य ने बोलना शुरू कर दिया है तो किस नियम के तहत मंत्री बोल सकते हैं। वन मंत्री भी सीट पर खड़े होकर अपनी बात रखने के लिए अड़े रहे। नोकझोंक होने पर सभापति के हस्तक्षेप के बाद मंत्री को बैठना पड़ा। चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा विधायक अरुण कुमार ने पूर्व में हुए भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा तो फिर सदन का माहौल गर्मा गया। विधायक आशा कुमारी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर सदस्य को अपनी बात केंद्रित रखनी चाहिए।
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इससे पहले हर्षवर्धन ने कहा कि खादों और राशन में केंद्र सरकार ने उपदान खत्म कर दिया है। विभागों में पद नहीं भरे गए। कर्मचारियों को अपने हक मांगने से रोका जा रहा है। नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस का नामोनिशान नहीं है और अब एक राज्य में कांग्रेस रह गई है। मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा कि 11 लाख बिजली उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा और प्रदेश में 25 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। 29 करोड़ किसानों को गेहूं बेचने से मिले हैं। धान की खरीद भी किसान से की जाएगी। चर्चा में विधायक नंद लाल, विनोद कुमार, सुभाष ठाकुर, मोहन लाल, अरुण ठाकुर, रोहित ठाकुर, राजेश ठाकुर, रानी कश्यप और परमजीत पम्मी ने भी राज्पाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा में हिस्सा लिया।