हिमाचल विधानसभा सत्र: विधायक शराब प्रकरण पर सदन में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
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मानसून सत्र के पहले ही दिन सोमवार को ऊना से कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा से जुड़े शराब प्रकरण में सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए वाकआउट किया। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित भी करनी पड़ी। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही चलती रही। इस दौरान राज्यपाल से मंजूर विधेयक सदन के पटल पर रखे गए और जल नीति बनाने को लेकर प्रस्ताव भी लाया गया। विपक्ष के सदस्यों ने शिमला पार्किंग के संबंध में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाना था लेकिन सदन पटल पर नहीं रखा गया।
काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा की मंजूरी न मिलने पर कांग्रेस विधायक वेल में चले गए। कांग्रेस विधायकों ने खूब नारेबाजी की तो सत्ता पक्ष के विधायक भी इसके विरोध नारे लगाते रहे। मानसून सत्र के पहले दिन एक घंटे के शोकोद्गार प्रस्ताव के बाद सदन की अगली कार्यवाही शुरू करने से पहले ही विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि उन्होंने नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। यह एमएलए इंस्टीट्यूशन की डिग्निटी का सवाल है।
इस पर स्पीकर डा. राजीव बिंदल ने उन्हें बैठने को कहा और खुद स्पष्ट किया कि सोमवार सुबह ही उन्हें विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री व अन्य से स्थगन प्रस्ताव की सूचना मिली है। भाजपा विधायक बलवीर सिंह ने भी नियम 62 के तहत एक सूचना दी है। दोनों ही सूचनाओं पर सरकार को जानकारी को लिखा गया है। जवाब आने के बाद ही इस पर फैसला होगा। इस पर मुकेश अग्निहोत्री काम रोको प्रस्ताव मंजूर करवाने पर अड़े रहे। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से नोकझोंक शुरू हो गई। कांग्रेस के विधायक नारेबाजी करते रहे। अग्निहोत्री के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह समेत सभी कांग्रेस विधायक वेल में चले गए।
यहां सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करते रहे। दूसरी ओर, मंत्री और भाजपा विधायक भी खड़े होकर कांग्रेस पर शराब माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए नारे लगाते रहे। स्पीकर डॉ. राजीव बिंदल ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद जब दोबारा सदन का कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष फिर हंगामा करता रहा और थोड़ी देर बाद विपक्ष के सदस्यों ने वॉकआउट किया। इसके बाद दोबारा विपक्ष के सदस्य सदन में आकर कार्यवाही पूरी होने तक हंगामा और नारेबाजी करते रहे।
क्या है रायजादा से जुड़ा मामला
पुलिस ने बीते दिनों ऊना में एक गाड़ी से शराब पकड़ी। इस दौरान कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा के पीएसओ, पीए, ड्राइवर और एक शराब तस्करी में पकडे़ एक आरोपी समेत पांच लोगों पर पुलिस कर्मियों से मारपीट का आरोप था।
मामला दर्ज कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मंत्री के स्टाफ के एक सदस्य को हथकड़ी भी पहनाई। सतपाल रायजादा इसे अपने खिलाफ षड्यंत्र बताया है। रायजादा के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए विपक्ष ने सदन में यह मामला उठाया।
शराब माफिया के लिए सदन में खड़ा हो रहा विपक्ष : जयराम
विपक्ष के हंगामे पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार माफिया के खिलाफ कार्रवाई को कटिबद्ध है। हिमाचल की पूरी जनता नशा माफिया के खिलाफ है। सरकार माफिया के खिलाफ अभियान छेड़े हैं और शराब माफिया ने सदन में विपक्ष को खड़ा कर दिया।
उन्होंने कहा कि सदन में ऐसा बेहूदा और घटिया प्रदर्शन कभी नहीं देखा। इस पर विपक्ष के सदस्य नाराज हो गए और कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो भी कहा है, उसके लिए माफी मांगें।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे सरकार के अभियान को विपक्ष ने मजाक बना दिया है। इससे गंभीर बात कुछ नहीं हो सकती कि एक माफिया के लिए विपक्ष के सदस्य सदन में खड़े हो गए हैं।
इससे घटिया बात कुछ नहीं हो सकती। विधायक के प्रति सरकार आदर रखती है परंतु माफिया के खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी। 2100 करोड़ का टेक्नोमेक घोटाला इनके समय में हुआ है।