हिमाचल के 1858 सरकारी स्कूलों में इसी साल शुरू होंगी कंप्यूटर लैब
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हिमाचल के सभी 1858 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में इसी साल से आईसीटी (कंप्यूटर) लैब शुरू होंगी। कर्नल इंद्र सिंह के संकल्प प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने विधानसभा सदन में यह खुलासा किया।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में तीसरी कक्षा से कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने को सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी है। संसाधनों की कमी के चलते अभी ऐसा करना मुश्किल है। सुविधाएं और बजट प्राप्त होते ही सरकार स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य कर देगी।
गुरुवार को विधानसभा में गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस के तहत कर्नल इंद्र सिंह द्वारा लाए गए संकल्प प्रस्ताव के जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि साल 2001-02 में कंप्यूटर विषय को अतिरिक्त विषय के तौर पर नवीं से 12वीं कक्षा तक शुरू किया गया था।
वर्तमान में 1109 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 72 हजार से अधिक विद्यार्थी नवीं से 12वीं दो कक्षा तक कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आउटसोर्सिंग पर नियुक्त कंप्यूटर शिक्षकों को अभी विभाग में समायोजित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
इसके लिए सभी पहलुओं को देखा जाएगा। कंप्यूटर शिक्षा के लिए विद्यार्थियों से प्रतिमाह 110 रुपये फीस ली जा रही है। आईसीटी लैब में कम से कम तीन कंप्यूटर रखे जाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 हजार से अधिक स्कूल हैं। सभी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
इससे पूर्व विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने गैर सरकारी संकल्प दिवस पर कंप्यूटर के बढ़ते उपयोग व निजी विद्यालयों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में माध्यमिक स्तर से निशुल्क कंप्यूटर शिक्षा देने को नीति बनाने की मांग की।
बीते कल आई लैपटॉप की फाइल, जल्द लेंगे फैसला
उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालयों की तरह प्रदेश के सरकारी स्कूलों में भी इसे शुरू किया जाना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कंप्यूटर युग से पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की याद आती है। विधायक राजेंद्र गर्ग, सुरेंद्र शौरी, इंद्र सिंह गांधी ने भी इस चर्चा में हिस्सा लिया।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि स्कूल-कॉलेजों के 9700 मेधावियों को दिए जाने वाले लैपटॉप के मामले की फाइल बीते कल ही उनके पास आई है। टेंडर को लेकर खड़ी हुई समस्या को देखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन को खरीद का जिम्मा सौंपा है। जल्द ही इस बाबत फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर साल ही लैपटॉप देने में देरी होती आई है।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। 2017 में कांग्रेस द्वारा दिए जाने वाले लैपटॉप हमारी सरकार ने 2018 में दिए थे। भाजपा सरकार ने पहली कॉलेज विद्यार्थियों को भी लैपटॉप के साथ एक जीबी इंटरनेट देने का फैसला लिया है।