हिमाचल विधानसभा: आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज में जल्द मिलेगी पीईटी स्कैन सुविधा, सीएम ने दी जानकारी
आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में कैंसर रोगियों को जल्द पैट स्कैन की सुविधा मिलेगी। शिमला में पैट स्कैन सुविधा के लिए पांच करोड़ का बजट उपलब्ध करवा दिया है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में कैंसर रोगियों को जल्द पीईटी स्कैन की सुविधा मिलेगी। शिमला में पैट स्कैन सुविधा के लिए पांच करोड़ का बजट उपलब्ध करवा दिया है। टांडा मेडिकल कॉलेज में भी सरकार ने यह सुविधा देने का फैसला लिया है। सीटी स्कैन के लिए मिलने वाली लंबी तारीखों की व्यवस्था बदलने के लिए हर मेडिकल कॉलेज में 256 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीनें लगाई जाएंगी। सीटी स्कैन मशीनें लगाने के लिए निजी क्षेत्र के निवेश की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों केवल सिंह पठानिया, नंदलाल और इंद्र दत्त लखनपाल के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के दौरान पीएम केयर फंड से टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए 147 वेंटिलेटर मिले थे। इनमें 132 चालू हालत में हैं। 38 डॉक्टरों को यहां से चंबा, हमीरपुर और नाहन मेडिकल कॉलेज में प्रतिनियुक्ति के लिए भेजा गया है। नेशनल मेडिकल कमीशन के निरीक्षण के लिए यह अस्थायी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीटी स्कैन की सुविधा लेने के लिए प्रदेश में अभी तीन से छह माह बाद की तारीखें मरीजों को मिल रही हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने की आवश्यकता है। लंबी वेटिंग लिस्ट को कम करने के प्रयास जारी हैं। सरकार का प्रयास है कि मरीजों को एक से दो दिन की तारीख ही सिटी स्कैन के लिए मिले। इसके लिए निजी क्षेत्र के निवेश को लेकर संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगी शारीरिक शिक्षकों की भर्ती : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि शारीरिक शिक्षकों की भर्ती उच्च न्यायालय के फैसले पर निर्भर करेगी। विधायक पवन काजल और इंद्र सिंह गांधी के सवाल के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2021 में शारीरिक शिक्षकों के 870 पदों को भरने की मंजूरी दी गई थी। सितंबर 2021 में उप शिक्षा निदेशकों को पदों का बंटवारा कर नियमानुसार पद भरने के दिशा-निर्देश जारी किए गए। इसी दौरान शारीरिक शिक्षक भर्ती बारे कोर्ट से स्थगन आदेश दिए गए। इस कारण शारीरिक शिक्षकों के पदों को नहीं भरा गया। सरकार ने न्यायालय में पुराने भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के आधार पर भर्ती करने का अनुमोदन दिया। यह भर्ती प्रक्रिया अब न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी। उन्होंने बताया कि सरकार नियमानुसार शारीरिक शिक्षकों की बैकलॉग भर्ती करने का विचार रखती है। प्रदेश में इन शिक्षकों की नियुक्ति भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2010-11 के तहत की जाती है। इन नियमों के अनुसार शारीरिक शिक्षा विषय पढ़ने वाले एवं तीन वर्ष की शारीरिक शिक्षा में पास करने वाले प्रार्थी शारीरिक शिक्षक के पद पर नियुक्त होने के लिए पात्र हैं। प्रचलित भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि तीन वर्ष वाले प्रार्थी को अधिमान दिया जाए।